चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल भारी पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो गया है. टीएमसी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए स्ट्रांगरूम में पोस्टल बैलट के साथ छेड़-छाड़ का आरोप लगाया है. इसके बाद बवाल शुरू हो गया. बीजेपी और चुनाव आयोग ने टीएमसी के द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो को खारिज कर दिया है. मामला तूल पकड़ने के बाद चुनाव आयोग ने देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला लिया.
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, पश्चिम बंगाल के राज्य चुनाव आयोग के CEO मनोज अग्रवाल ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को नकार दिया. उन्होंने कहा कि स्ट्रॉन्गरूम ठीक से सील किए गए हैं और कोई भी उन कमरों में प्रवेश नहीं कर सकता. मनोज अग्रवाल ने कहा कि सीएम कैंडिडेट इन सात सीटों की एजेंट नहीं है. स्ट्रांग रूम के अंदर सिर्फ कैंडिडेट या एजेंट ही जा सकता. लॉ एंड आर्डर की स्थिति ठीक है. काउंटिंग में सब नीट एंड क्लीन रहेगा.
पश्चिम बंगाल इलेक्शन कमीशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर कोलकाता की डीओ स्मिता पांडे ने कहा, "बैलेट पेपर बारासात ले जाए जाएंगे. अधिकारी बैलेट कॉरिडोर का निरीक्षण कर रहे थे. बैलेट्स की छंटनी की जा रही थी, हमारी प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं. हमने पहले ही सभी पार्टियों को सूचित कर दिया था. सभी EVM सुरक्षित हैं."
राजधानी में जबरदस्त सुरक्षा!
कोलकाता में सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है. जहां पर विवाद शुरू हुआ था, उस स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पुलिस तैनात की गई है. मौके पर ममता बनर्जी सहित टीएमसी के कई नेता मौजूद हैं. वहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं का भी जमावड़ा लगा हुआ है और हंगामा जारी है.
TMC-BJP समर्थकों का सामना
स्ट्रांग रूम के सामने TMC और BJP समर्थकों के बीच आमना-सामना हो गया. इस समय ममता बनर्जी वहीं मौजूद हैं. बीजेपी समर्थकों ने एक गाड़ी को रोक लिया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह टीएमसी से जुड़ी है.
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के एक समर्थक ने कहा, "गाड़ी में कुछ है. ममता बनर्जी अपनी गाड़ी में कुछ लेकर आई हैं. इस गाड़ी को आगे नहीं जाने दिया जाएगा."
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'हिंसा पर जीरो टॉलरेंस...'
पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दूसरे चरण के बाद हुई हिंसा की खबरों को देखते हुए, मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जीरो टॉलेरेंस का रवैया अपनाएं और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें. पीटीआई के मुताबिक, यह जानकारी चुनाव आयोग के एक सूत्र ने दी.
अग्रवाल ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए, ज़िला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान ये निर्देश जारी किए.
CEO कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, अग्रवाल ने कहा, "चुनाव के बाद जिन लोगों ने भी गड़बड़ी की है, उन्हें आज रात तक गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए."
बुधवार शाम को वोटिंग का दूसरा चरण खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद, बंगाल के कई हिस्सों से राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद आयोग ने निगरानी बढ़ा दी. सूत्रों ने बताया कि CEO ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रशासन को चुनाव के बाद की अवधि में भी उतनी ही सतर्कता बरतनी चाहिए, जितनी उसने वोटिंग प्रक्रिया के दौरान बरती थी और किसी भी तरह की अशांति होने पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.