पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने मतगणना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य में 293 मतगणना स्थल बनाए गए हैं, जहां कुल 459 मतगणना हॉल में वोटों की गिनती होगी. इनमें 129 एकल और 163 दोहरे मतगणना हॉल शामिल हैं.
मेटियाब्रुज, सप्तग्राम और बिजपुर निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना के 10-10 दौर होंगे. हर हॉल के लिए एक-एक मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किया गया है, कुल 539 पर्यवेक्षक नियुक्त हैं. सुरक्षा के लिहाज से राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और केंद्रीय बलों को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा प्रणाली में तैनात किया जाएगा. कोई भी व्यक्ति पहले, दूसरे या तीसरे सुरक्षा घेरे का उल्लंघन नहीं कर सकता.
यदि ऐसा होता है, तो इसके लिए केंद्रीय बल जिम्मेदार होंगे. एजेंटों को मतगणना पूरी होने तक परिसर छोड़ने की अनुमति नहीं होगी. उन्हें बाहर जाने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) से अनुमति लेनी होगी. पर्यवेक्षकों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं. केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी वैधानिक नियमों की समीक्षा कर रहे हैं. डेटा एंट्री की प्रक्रिया हर मतगणना दौर के पूरा होने के बाद ही की जाएगी.
जिला मजिस्ट्रेटों के साथ धारा 163 को लेकर चर्चा की गई है, जो लागू रहेगी. किसी भी तरह के जमावड़े की अनुमति नहीं होगी. जरूरत पड़ने पर इसके दायरे को बढ़ाया भी जा सकता है. किसी दल या उम्मीदवार को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं है. ऐसे किसी भी कार्यक्रम के लिए पुलिस से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा. मतगणना पर्यवेक्षक, सहायक, एजेंट और माइक्रो-ऑब्जर्वर मौजूद रहेंगे.
मतगणना स्थल पर उम्मीदवारों और एजेंटों के लिए अलग से निर्धारित घेरा बनाया जाएगा. चुनाव आयोग की सिफारिशों के आधार पर 15 बूथों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा. तीन पीठासीन अधिकारियों और एक BLO के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है. इन अधिकारियों के खिलाफ जांच जारी है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे फलता या मगराहाट से जुड़े हैं.
बिजली आपूर्ति को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि लोड शेडिंग की कोई समस्या न हो. अधिकारियों-प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की अशांति न हो और कलिगंज जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. मनोज अग्रवाल ने कहा, "सभी इंतजाम पूरे हो चुके हैं. सुरक्षा के तीन-स्तरीय इंतजाम किए गए हैं. हमारे RO, ARO, काउंटिंग एजेंट और सुपरवाइजर पूरी तरह तैयार हैं.''
उन्होंने बताया कि काउंटिंग सेंटरों पर CAPF की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं. चुनाव आयोग ने मजिस्ट्रेट, पुलिस और जिला अधिकारियों के साथ बैठक की है. उन्होंने लोगों से अपील की है, "किसी भी तरह की अशांति न फैलाएं और न ही दूसरों को ऐसा करने दें. वोटों की गिनती के दौरान किसी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए. दोनों चरणों में वोटिंग शांतिपूर्ण रही थी, उम्मीद है कि काउंटिंग भी शांतिपूर्ण होगी."