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बंगाल चुनाव से पहले आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, CM ममता के करीबी के घर छापेमारी

आयकर विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के करीबी मिराज शाह के घर और कार्यालयों पर छापेमारी की. मिराज शाह, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और चुनावी प्रस्तावक हैं. वो कोलकाता के एक बड़े व्यवसायी और शिक्षाविद भी हैं.

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मिराज शाह ममता बनर्जी के चुनावी प्रस्तावक हैं. (File Photo: ITGD)
मिराज शाह ममता बनर्जी के चुनावी प्रस्तावक हैं. (File Photo: ITGD)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आयकर विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निवर्तमान विधायक और रासबिहारी से उम्मीदवार देवाशीष कुमार के बाद अब आयकर विभाग ने व्यवसायी मिराज शाह के घर पर छापा मारा है.

शाह से पहले, आयकर विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता देवाशीष कुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी. देवाशीष रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं और कोलकाता नगर निगम में मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य भी हैं

मिराज शाह, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते हैं. वो मुख्यमंत्री के चुनावी प्रस्तावक हैं. मिराज शाह का नाम उस वक्त चर्चा में आया था जब ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था. ममता बनर्जी ने सर्वधर्म समभाव का संदेश देने के लिए अलग-अलग धर्मों के चार प्रस्तावकों को चुना था, जिनमें से मिराज शाह एक थे. 

घर और दफ्तरों पर छापा

शुक्रवार सुबह आयकर विभाग के अधिकारियों की एक टीम कोलकाता के एल्गिन रोड स्थित उनके आवास पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने मनोहरपुकुर रोड स्थित उनके आवास, उनके चुनावी कार्यालय और उनके रिश्तेदारों के घरों पर एक साथ छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया था. 

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तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी.

कौन हैं मिराज शाह?

मिराज शाह कोलकाता के एक जाने-माने गुजराती व्यवसायी और शिक्षाविद हैं. वो शहर के 'द भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज' के वाइस चेयरमैन और गवर्निंग बॉडी के सदस्य भी हैं. ये कॉलेज मारवाड़ी और गुजराती समुदाय के बीच काफी प्रसिद्ध है.

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में लाखों लोग नहीं डाल सकेंगे वोट, SC ने अंतरिम अधिकार देने से किया इनकार

बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में मतदान होने हैं. वहीं, 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी.

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