पश्चिम बंगाल की सियासत में बीजेपी के नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बयान नहीं बल्कि उनकी बढ़ती तिजोरी है. साल 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए खड़गपुर सदर सीट से नामांकन भरते हुए उन्होंने जो हिसाब दिया है, वह चौंकाने वाला है. पिछले 6 साल के आंकड़ों को देखें तो दिलीप घोष की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उनके पास करीब 45 लाख रुपये की संपत्ति थी, जो अब 2026 आते-आते 2 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है. यानी महज 6 साल में वह लखपति से करोड़पति बन चुके हैं.
इस संपत्ति के पीछे का गणित समझें तो 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी नेटवर्थ 1.82 करोड़ रुपये बताई थी, जिसमें अब करीब 18 लाख रुपये का और इजाफा हो गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि कभी कर्ज में डूबे रहने वाले दिलीप घोष ने इस बार हलफनामे में खुद को पूरी तरह कर्जमुक्त घोषित किया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उनके पास इस समय करीब 28.75 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें 3.5 लाख रुपये कैश शामिल हैं. वहीं, उनकी पत्नी रिंकू मजूमदार के पास भी 22.98 लाख रुपये की चल संपत्ति और लगभग 50 लाख रुपये कैश मौजूद है. सिर्फ इतना ही नहीं, घोष दंपत्ति ने बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस की सरकारी स्कीमों में भी मोटा निवेश कर रखा है.
दिलीप घोष ने जब साल 2016 में पहली बार पश्चिम मेदिनीपुर की इसी सीट से चुनाव लड़ा था, तब उनके पास कुल 30.29 लाख रुपये की संपत्ति थी. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में जब उन्होंने मिदनापुर से जीत दर्ज की, तब उनकी संपत्ति बढ़कर 45.36 लाख रुपये पहुंच गई लेकिन अब 2026 आते-आते यह आंकड़ा करोड़ों में जा चुका है.
अगर हम दिलीप घोष की अचल संपत्ति की बात करें, तो उनके पास कोलकाता के लेदर कॉम्प्लेक्स इलाके में एक शानदार फ्लैट है, जिसकी आज की कीमत करीब 1.42 करोड़ रुपये है. इसके अलावा पश्चिम मेदिनीपुर में उनके पास 1.88 एकड़ खेती की जमीन भी है, जिसकी वैल्यू 40 लाख रुपये के आसपास है. उनकी पत्नी रिंकू मजूमदार भी पीछे नहीं हैं, उनके नाम पर करीब 93 लाख रुपये की कुल संपत्ति दर्ज है.