अगर केरलम में कांग्रेस की अगुआई वाली UDF सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार कांग्रेस को होगा. AICC की महासचिव और केरलम की प्रभारी दीपा दासमुंशी ने रविवार को कहा कि UDF के सहयोगी दलों ने गठबंधन के सत्ता में आने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन का फैसला कांग्रेस पर छोड़ दिया है.
केरलम में मतदान 9 अप्रैल को हुए थे. मतों की गिनती सोमवार को सुबह 8 बजे से होंगे.
पत्रकारों से बात करते हुए दीपा दासमुंशी ने कहा कि इस मुद्दे पर गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा हुई है और उन्होंने कांग्रेस पार्टी के फैसले को मानने की अपनी सहमति दे दी है.
दीपा दासमुंशी ने कहा, "हमने गठबंधन के सहयोगियों से सलाह ली है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस जो भी फैसला करेगी, वे उसी के साथ जाएंगे"
कांग्रेस नेता ने कहा कि यूडीएफ के मुख्यमंत्री पद को लेकर सोशल मीडिया पर ज्यादा चर्चाएं हैं और पार्टी में कोई भी ऐसी स्थिति नहीं है
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी और हमारे सहयोगियों के बीच हर कोई जानता है कि एक प्रक्रिया होती है. नतीजे आने के बाद पार्टी अपनी तय प्रक्रिया का पालन करेगी. हाई कमान चुने हुए विधायकों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही अंतिम फैसला लेगा."
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपनी राय जाहिर करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन ऐसी बातों का कोई खास मतलब नहीं है, क्योंकि पार्टी अपनी औपचारिक प्रक्रिया का ही पालन करेगी.
केरलम में कांग्रेस के भीतर विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर बहस तेज़ हो गई है. इस पद के लिए जिन वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और AICC के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल शामिल हैं.
कांग्रेस ने की जश्न की तैयारी
इस बीच केरलम कांग्रेस ने जीत से पहले ही जश्न की तैयारी शुरू कर दी है. केरलम की मतगणना सोमवार को शुरू होगी लेकिन केरलम कांग्रेस ने जीत का जश्न मनाने के लिए तिरुवनंतपुरम स्थित केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय इंदिरा भवन में एक मंडप बना रही है. जीत का जश्न मनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के ठहरने के लिए कई तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं.