तमिलनाडु में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. डीएमके की ओर से कांग्रेस को 32 सीटों की पेशकश किए जाने के बाद अब तमिलनाडु कांग्रेस नेतृत्व अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करता नजर आ रहा है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इसे सिर्फ सीटों का नहीं बल्कि सत्ता में हिस्सेदारी का सवाल मान रही है और इसी कड़ी में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के साथ संभावित गठबंधन का विकल्प कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल गांधी के सामने रखा है.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने आंतरिक तौर पर विधानसभा चुनाव में 40 सीटों को अपना आदर्श लक्ष्य तय किया था, ताकि पार्टी राज्य की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता को मजबूती से पेश कर सके. हालांकि डीएमके इतने बड़े आंकड़े पर सहमत नहीं दिखी और उसने कांग्रेस को 32 सीटें देने का संकेत दिया. इसके बाद कांग्रेस ने अपनी मांग में आंशिक नरमी दिखाते हुए इसे घटाकर 38 सीटों तक सीमित कर दिया है, लेकिन पार्टी के भीतर इसे अब भी अपर्याप्त माना जा रहा है.
इसी पृष्ठभूमि में तमिलनाडु कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी को TVK के साथ संभावित गठबंधन के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है. माना जा रहा है कि यह पहल डीएमके पर दबाव बनाने और गठबंधन के भीतर अपनी सौदेबाजी की स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है.
सरकार में हिस्सेदारी चाहते है कांग्रेस: सांसद मणिकम टैगोर
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पार्टी केवल सीटों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि यदि गठबंधन सत्ता में आता है तो सरकार में हिस्सेदारी भी चाहती है. उनके इस बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के दबाव और चुनाव से पहले रणनीतिक पुनर्संतुलन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
टैगोर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब TVK ने कांग्रेस को स्वाभाविक सहयोगी बताया है. इससे तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलें तेज हो गई हैं. TVK के प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने दावा किया कि विजय और राहुल गांधी के बीच मित्रता है और कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना काफी अधिक है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु कांग्रेस नेतृत्व के भीतर मौजूद आंतरिक हितों के कारण बातचीत में देरी हो सकती है.
इस बीच TVK नेता निर्मल कुमार ने कहा कि गठबंधन से जुड़े फैसले पार्टी प्रमुख विजय की सलाह-मशविरे के बाद ही लिए जाएंगे. उन्होंने कहा, “चुनाव में अभी करीब दो महीने का समय है, इसलिए सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा.”