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IPS अजय पाल शर्मा और CRPF जवानों पर घर में घुसकर अश्लील हरकत करने का आरोप, महिला ने दर्ज कराई शिकायत

पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.

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महिला ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया गया. Photo ITG
महिला ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया गया. Photo ITG

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच एक गंभीर शिकायत ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. एक महिला ने फाल्टा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि देर रात IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवान घरों में जबरन घुस गए और महिलाओं के साथ मारपीट की.

शिकायत के मुताबिक, घटना 27 अप्रैल 2026 की देर रात की है. पीड़िता का आरोप है कि कुछ लोग केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सदस्य होने का दावा करते हुए बिना किसी वैध आदेश, वारंट या अनुमति पत्र दिखाए उनके घर में घुस आए. उन्होंने घर के पुरुष सदस्य को हिरासत में लेने की बात कही और विरोध करने पर महिलाओं को धक्का दिया, मारपीट की तथा छेड़छाड़ की.

बीजेपी के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाने का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव डाला. कथित तौर पर कहा गया कि यदि उन्होंने आदेश नहीं माना तो 4 मई के बाद दोबारा आकर नुकसान पहुंचाया जाएगा. शिकायत में इसे मताधिकार में बाधा डालने और चुनावी दबाव बनाने की कोशिश बताया गया है. पीड़िता ने प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं. 

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अजय पाल शर्मा का आया नाम
शिकायत पत्र में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात अजय पाल शर्मा का नाम लेते हुए कहा गया है कि यह घटना उनके कार्यकाल और प्रभाव के दौरान हुई. आरोप लगाया गया है कि पहले भी उनकी ओर से धमकी और दबाव की स्थिति बनी थी, इसलिए इस घटना में उनकी भूमिका, दिशा-निर्देशन या प्रभाव की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए, आरोपियों की पहचान कर कानून के तहत कार्रवाई हो, साथ ही इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि शिकायत के सार्वजनिक होने के बाद यह मामला चुनावी निष्पक्षता, सुरक्षा बलों की भूमिका और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.

फाल्टा के जॉइंट बीडीओ सौरव हाजरा को निर्वाचन आयोग ने पक्षपातपूर्ण आचरण के आरोप में पद से हटा दिया है. आयोग की कार्रवाई के तहत उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है.

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