पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बंगाली भाषा में राज्य के मतदाताओं से एक भावुक अपील करते हुए सोच-समझकर मतदान करने का आग्रह किया और कहा, 'आने वाली पीढ़ी का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह आपके विचारशील निर्णय पर निर्भर करता है.'
उन्होंने लिखा, 'मेरे सपने के सोनार बांग्ला के पुरुष, महिलाएं और बच्चे आज घोर अभाव का सामना कर रहे हैं. उनका दर्द मेरे दिल पर गहरा असर डालता है. मैंने अपने अंतर्मन से यह प्रतिज्ञा ली है कि मैं पश्चिम बंगाल को एक समृद्ध राज्य के रूप में विकसित करूंगा.' पीएम मोदी ने आगे कहा, 'पश्चिम बंगाल के हालात देखकर मुझे गहरा दुख होता है, जिसे कभी स्वामी विवेकानंद और श्री अरबिंदो जैसे महान व्यक्तित्वों ने एक आदर्श राज्य के रूप में परिकल्पित किया था. वह बंगाल अब वोट बैंक की संकीर्ण राजनीति, हिंसा और अराजकता में डूब रहा है.'
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा कि पश्चिम बंगाल का भविष्य तय होने में अब कुछ ही महीने बचे हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की प्रगति की दिशा मतदाताओं द्वारा निर्धारित की जाएगी. उन्होंने अपनी सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जन कल्याण और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें किसानों के कल्याण, युवाओं की आकांक्षाओं से लेकर महिला सशक्तिकरण तक सभी पहलू शामिल हैं.
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बंगाली की सेवा करने के लिए उत्सुक: PM मोदी
पीएम मोदी ने अपने आह्वान में बंगाली मतदाताओं से विकास की इस यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया और कहा कि वह उनकी सेवा करने के अवसर के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने मतदाताओं से भ्रष्टाचार और कुशासन से मुक्त बंगाल का वादा किया, जहां महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और युवाओं को काम के लिए पलायन न करना पड़े. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे शरणार्थियों को संवैधानिक संशोधन अधिनियम (CAA) के जरिए नागरिकता मिलेगी और अवैध घुसपैठ से मुक्त शासन व्यवस्था स्थापित की जाएगी.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल अवैध घुसपैठ, महिलाओं के खिलाफ अपराध और फर्जी मतदाताओं जैसी समस्याओं से ग्रस्त है, जिसको लेकर पूरा देश चिंतित है. केंद्र की योजनाओं का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद पश्चिम बंगाल में पांच करोड़ लोगों को जनधन योजना के जरिए बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया.
बंगाल की मौजूदा स्थिति देख दुख होता है: पीएम
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 85 लाख शौचालयों के निर्माण, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये के ऋण, अटल पेंशन योजना के 56 लाख लाभार्थियों और उज्ज्वला योजना के तहत एक करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन का भी उल्लेख किया. साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत राज्य के 52 लाख से अधिक किसानों को सीधी वित्तीय सहायता मिली है. पश्चिम बंगाल की औद्योगिकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका और देश की अर्थव्यवस्था को दिशा देने वाले योगदान को याद करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति उन्हें गहरा दुख पहुंचाती है.
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उन्होंने छह दशकों के कुप्रशासन और तुष्टिकरण की राजनीति को इस अपूरणीय नुकसान का जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि बेरोजगारी के कारण युवाओं को बंगाल से पलायन करना पड़ रहा है, जबकि असुरक्षा के चलते महिलाएं भय में जी रही हैं. सत्ता परिवर्तन का आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अन्य राज्यों में जीवन स्तर बेहतर हुआ है और पश्चिम बंगाल भी समान प्रगति का हकदार है. अपने पत्र के अंत में पीएम मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका का स्मरण करते हुए, पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए उनके योगदान को याद किया और 2026 तक विकसित पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की.