पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया समीकरण उभरकर सामने आया है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी हुमायूं कबीर की 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी. ओवैसी 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन की रूपरेखा पेश करेंगे.
हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेडीयूपी) ने पहले ही ऐलान किया है कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. इस गठबंधन में AIMIM भी साझेदार होगी और लगभग 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है.
कबीर ने अब तक 18 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें रानीनगर, भगवानगोला और मुर्शिदाबाद जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं. हुमायूं कबीर 3 सीटों से चुनाव लड़ेंगे जिनमें भगवानगोला, नौदा और राजीनगर शामिल हैं जो मुर्शिदाबाद ज़िले में आती हैं.
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चुनाव की तारीखें
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे:
- पहला चरण (152 सीटें): 23 अप्रैल 2026
- दूसरा चरण (142 सीटें): 29 अप्रैल 2026
- नतीजे: वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी.
सियासी मायने
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC और मुख्य विपक्षी दल BJP के बीच होने वाले इस मुकाबले में ओवैसी और कबीर का गठबंधन मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर खेल बिगाड़ सकता है. 2021 के चुनावों में कांग्रेस और वामपंथी दलों का सूपड़ा साफ हो गया था, ऐसे में यह नया मोर्चा राज्य की राजनीति में 'तीसरे कोण' के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है.