पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर कार्यक्रम शुरू हो गया है. इस कार्यक्रम में हिंदू संत नित्यानंद महाराज भी हुमायूं करीब के साथ मंच पर पहुंचे तो वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. उन्होंने इस निर्माण पहल की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की और इसे मानवता के लिए एक बड़ा कदम बताया.
निर्माण कार्यक्रम में पहुंचे महाराज ने बाबरी मस्जिद के निर्माण और विकास की पहल की सराहना की और कबीर को इसकी अगुवाई करने के लिए सार्वजनिक रूप से बधाई दी.
महाराज ने कहा, 'धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है. समाज शांति और सद्भाव के रास्ते पर ही आगे बढ़ता है.'
'प्रेम से सुंदर बनता है समाज'
उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक सह-अस्तित्व भारत की असली ताकत है. सभी को एकता का संदेश देते हुए महाराज ने जोड़ा, 'भेदभाव नहीं, बल्कि प्रेम और करुणा से समाज सुंदर बनता है.'
वहीं, निर्माण कार्य शुरू करते वक्त हुमायूं कबीर ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए विरोधियों को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जो लोग इस पहल का विरोध कर रहे हैं, उन्हें एक तरफ हट जाना चाहिए.
विरोध करने वालों को चेतावनी
कबीर के अनुसार, लोग अपना धर्म मानने और मंदिर या चर्च बनाने के लिए स्वतंत्र हैं और वे इस्लाम के नाम पर कभी किसी का विरोध नहीं करेंगे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ये प्रयास अल्लाह को खुश करने और अपनी भक्ति प्रदर्शित करने के लिए है, न कि किसी पर कुछ थोपने के लिए नहीं.
कबीर ने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक सद्भाव बनाए रखना है और किसी भी तरह का दबाव नहीं डालना. ये घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, जहां TMC और अन्य दलों के बीच पहले से ही तनाव है.
VIP को नहीं किया आमंत्रित
इससे पहले करीब ने बताया कि मस्जिद में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में किसी भी वीआईपी व्यक्ति को आमंत्रित नहीं किया गया है.
कबीर के मुताबिक इस कार्यक्रम में केवल कुरान के हाफिज, मौलाना, कारी और मुफ्ती जैसे धार्मिक विद्वानों को ही बुलाया गया है. कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू हुआ और करीब दो घंटे तक कुरान की तिलावत की गई. इसके बाद दोपहर से मस्जिद निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा. दावा है कि इस दौरान हजारों लोग एकत्रित होंगे.
सीएम योगी के तीखे तेवर
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि जो लोग बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं, उनका ये सपना कयामत तक भी पूरा नहीं होगा.
सीएम योगी ने कहा, 'हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे और मंदिर वहीं बनाएंगे और मंदिर वहीं बन गया है. भारत में कानून का उल्लंघन करने वालों को जन्नत नहीं बल्कि जहन्नुम का रास्ता मिलेगा.'