पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल उस समय और गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात पुलिस पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए. न्यूज एजेंसी IANS से विशेष बातचीत में जहांगीर खान ने कहा कि अजय पाल शर्मा ने उनके पार्टी कार्यालय और परिवार को धमकाने की कोशिश की.
पार्टी कार्यालय पहुंचकर डराया-धमकाया
जहांगीर खान के मुताबिक, 'कल दोपहर करीब 3 बजे वह मेरे पार्टी कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों को डराने-धमकाने की कोशिश की. इसके बाद वह मेरे घर गए और मेरे परिवार को भी डराने का प्रयास किया. क्या यही एक पुलिस पर्यवेक्षक का काम है?'
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी अधिकारी को कोई शिकायत या सूचना देनी है, तो उसे जिला पुलिस अधीक्षक या थाने के प्रभारी अधिकारी से बात करनी चाहिए, न कि सीधे किसी उम्मीदवार या उसके परिवार तक पहुंचना चाहिए.
तृणमूल उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के नियमों में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि कोई पुलिस पर्यवेक्षक लोगों के घर जाकर उन्हें धमकाए. उन्होंने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी की मदद करने के लिए ये लोग गैरकानूनी काम कर रहे हैं.'
तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाए जाने का आरोप
जहांगीर खान ने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि विपक्ष को हार का डर है. उन्होंने कहा, 'वे जानते हैं कि वे जीत नहीं पाएंगे, इसलिए हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं.' इस बयान के बाद फाल्टा में चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है.