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बंगाल: आसनसोल में तनाव, स्ट्रॉन्ग रूम के पास मिला संदिग्ध लिफाफा और बंद मोबाइल

बंगाल के आसनसोल में वोट काउंटिंग से पहले स्ट्रॉन्गरूम के पास गाड़ी से सीलबंद लिफाफा और मोबाइल फोन मिलने पर विवाद खड़ा हो गया. बीजेपी ने इसे संदिग्ध बताते हुए विरोध किया.

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आसनसोल: ईवीएम स्ट्रांगरूम के पास एक वाहन में फोन और दस्तावेज मिलने के बाद विरोध प्रदर्शन (File Photo)
आसनसोल: ईवीएम स्ट्रांगरूम के पास एक वाहन में फोन और दस्तावेज मिलने के बाद विरोध प्रदर्शन (File Photo)

पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों से ठीक पहले राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है. कल वोटों की गिनती होनी है, लेकिन उससे पहले आसनसोल में जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया. हुआ ये कि आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज में बने  स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर खड़ी एक गाड़ी से अचानक एक सीलबंद लिफाफा और बंद मोबाइल फोन बरामद हुआ. अब आप ही सोचिए, जहां कड़ी सुरक्षा में EVM रखी हों, वहां ऐसी संदिग्ध चीजें मिलना कोई मामूली बात तो है नहीं. बस फिर क्या था, जैसे ही यह खबर फैली, आसनसोल में जबरदस्त तनाव फैल गया.

बताया जा रहा है कि यह गाड़ी चुनाव ड्यूटी से जुड़ी हुई थी. गाड़ी की जांच के दौरान अंदर से एक लिफाफा मिला, जिस पर कुछ निशान भी थे और साथ में एक मोबाइल फोन भी रखा हुआ था. इसी के बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया.

जैसे ही यह जानकारी बाहर आई, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया. उनका कहना था कि यह मामला संदिग्ध है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए. देखते ही देखते वहां तनाव बढ़ गया और लोग मौके पर जमा होने लगे. बीजेपी ने इसे लेकर जांच की मांग की और कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए.

इसी बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. डीसीपी ध्रुवी दास की टीम ने स्थिति को संभाला और लिफाफा और मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच की जा रही है कि यह सामान वहां कैसे पहुंचा और इसके पीछे क्या कारण है.

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टीएमसी का चोरी वाला दांव और भवानीपुर में छिड़ा घमासान

अब इस मामले में ट्विस्ट तब आया जब सत्ताधारी पार्टी TMC ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. टीएमसी के आसनसोल जिला अध्यक्ष ने एक अलग ही कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि कहीं यह मोबाइल फोन उन 450 फोन में से तो नहीं है जो 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की रैली के दौरान चोरी हुए थे. आपको याद होगा कि पोलो ग्राउंड की उस रैली में जेबकतरों ने भारी हाथ साफ किया था, जिस पर खूब विवाद भी हुआ था.

लेकिन बवाल सिर्फ आसनसोल तक ही सीमित नहीं है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में भी माहौल गर्म है. वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी के झंडे वाली दो गाड़ियां उस परिसर में घुस गईं जहां EVM रखी हुई थीं. यानी बंगाल के हर कोने में स्ट्रॉन्गरूम के बाहर जबरदस्त पहरेदारी चल रही है. ममता बनर्जी ने पहले ही काउंटिंग में गड़बड़ी और EVM से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी, जिसके बाद अब टीएमसी और बीजेपी दोनों के कार्यकर्ता अपनी-अपनी आंखों से स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी कर रहे हैं.

फिलहाल, आसनसोल के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आखिर वो लिफाफा किसका था और गाड़ी के अंदर मोबाइल फोन कैसे आया. कल यानी 4 मई को बंगाल में वोटों की गिनती होनी है, लेकिन उससे पहले स्ट्रॉन्गरूम के बाहर की इन घटनाओं ने राजनीतिक लड़ाई को और भी ज्यादा तीखा बना दिया है.

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