तमिलनाडु राज्य के एक छोटे से कस्बे में रहने वाला एक 22 साल का नौजवान सिर्फ 15,000 रुपये लेकर अपने घर से निकला था. जिसका सपना था कि वह खुद का एक बिजनेस शुरू करें. आज अपनी मेहनत और मजबूत इरादों की बदौलत वह करोड़ों के मलिक हैं.
जानें एक सफल बिजनेसमैन की कहानी.
सी.के रंगनाथन शैंपू चिक बनाने वाली कंपनी केवनिकेयर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं. उनकी कंपनी शैंपू के अलावा, डेयरी, बेवरेज और सलून के बिजनेस में भी काम कर रही है.
...जब छोड़ा घर
शैंपू का बिजनेस उनका एक फैमिली बिजनेस है. लेकिन पिता के निधन के बाद उनके भाई और उनके बीच अनबन हो गई थी जिस वजह से उन्हें बाहर निकलना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वह घर से केवल 15,000 रुपये निकले थे. घर से निकलने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने रहने का इंतजाम किया.
उन्होंने बताया कि हैं, 'यह एक कमरे का एक छोटा सा घर था जिसका किराया सिर्फ 250 रुपये महीना था. मैंने एक केरोसिन स्टोव खरीदा और एक साइकिल भी ली. उन्होंने कहा 'मैं अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकल चुका था और अब मैं जिंदगी में आने वाली हर एक चुनौती को स्वीकारने के लिए तैयार था' .
कुछ समय बाद उन्होंने चिक ब्रैंड के नाम से शैंपू बनाना शुरू किया जिसका एक छोटा सा 7ml का शैशे सिर्फ 75 पैसे में मिला करता था. जो लोगों के लिए काफी सस्ता था.
उनके चिक शैंपू का नाम धीरे-धीरे पूरे देश में होने लगी. दक्षिण भारत में बनने वाला शैंपू पूरे भारत में बिकने लगा था. इतना ही नहीं ये शैंपू श्री लंका, बांग्लादेश, नेपाल, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में भी बिकने लगा. आज उनकी कंपनी में 4,000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं. उनका ये प्रॉडक्ट जबरदस्त तरीके से मशहूर हुआ. उनके इस प्रॉडक्ट ने उन्हें इतनी सफलता दी कि आज उनकी कंपनी टर्नओवर 1450 करोड़ जा पहुंचा है.