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नर्सरी एडमिशन: स्‍कूल बस के एरिया को नेबरहुड मान अंक दे रहे स्‍कूल!

नर्सरी दाखिले की रेस अभिभावकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. अब नई चुनौती ये है कि कुछ स्कूल नेबरहुड क्राइटीरिया में स्कूल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले बच्चों को ज्यादा पॉइंट्स दे रहे हैं.

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नर्सरी एडमिशन
नर्सरी एडमिशन

3 साल के जीवेश के माता-पिता इसलिए परेशान हैं कयोंकि नर्सरी दाखिले की दौड़ में उन्‍हें हर स्‍कूल में अलग तरह के नियम मिल रहे हैं. जीवेश का घर मोती नगर में है. उसकी मम्मी पूसा रोड के स्प्रिंगडेल्स में दाखिला कराना चाहती हैं लेकिन उनका घर स्कूल से 6 किमी से ज्‍यादा की दूरी पर है.

इस इलाके में स्कूल की बस का ट्रांसपोर्ट रूट भी नहीं है लिहाज़ा जीवेश को नेबरहुड क्राइटेरिया में 33 के बजाय सिर्फ 23 पॉइंट्स मिले हैं. लिहाज़ा जीवेश की मम्मी परेशान हैं कि पॉइंट कम मिलने से कहीं जीवेश स्प्रिंगडेल्स में दाखिले से वंचित ना रह जाए. जीवेश की मम्मी साक्षी की मानें तो स्कूल बस रूट पर घर नहीं होने का खामियाज़ा बच्चे को क्यों उठाना पड़े, वो भी तब जब सरकार की गाइड लाइन में इसका जिक्र नहीं है.

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सिर्फ स्प्रिंगडेल्स स्कूल ही नहीं बल्कि टैगोर इंटरनेशनल स्कूल में भी बस ट्रांसपोर्ट रूट को ही नेबरहुड का क्राइटेरिया मान रहे हैं और उसके 50 पॉइंट दे रहे हैं.

क्‍या हैं अभिभावकों की मुश्किलें
कुछ स्कूलों ने बच्चे के दाखिले के लिए अब अपर एज लिमिट फिक्स कर दी है जबकि सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक बच्चे के दाखिले के लिए मिनिमम एज 3 साल होनी चाहिए. सरकार ने अपर एज पर कोई लिमिट फिक्स नहीं की है लेकिन कुछ प्राइवेट स्कूलों ने अपर ऐज 4 साल फिक्स कर दिया है जिसकी वजह से ऐसे अभिभावक परेशान हो रहे हैं जिनके बच्चे का दाखिला पिछले साल नहीं हो पाया और इस साल बच्चे की उम्र 4 साल की लिमिट क्रॉस कर चुकी है.


चौथे दिन की भागदौड़
दाखिले के चौथे दिन ज्यादातर अभिभावक स्कूलों में फॉर्म जमा करते नजर आए. अभिभावकों के मुताबिक स्कूलों के अलग-अलग क्राइटीरिया को समझना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. लिहाज़ा अभिभावक चाहते हैं कि दाखिले के लिए बनाये गए पॉइंट सिस्टम में एकरूपता बरती जाए.

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