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ग्‍लैमर से दमकता मॉडलिंग करियर

मॉडलिंग से मतलब महज रैंप पर कैटवॉक करना नहीं, बल्कि मॉडलिंग की फील्‍ड में काफी चीजें करने क‍ो है.

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मॉडलिंग से मतलब महज रैंप पर कैटवॉक करना नहीं, बल्कि में काफी चीजें करने क‍ो है. आपके पास अच्छा फिगर है, चेहरा भी फोटोजेनिक है और साथ ही आत्मविश्वास भी भरपूर है और ग्लैमर के प्रति आप शुरू से ही आकर्षित रहे हैं तो मॉडलिंग को बतौर करियर चुनकर

फैशन मॉडलिंग तीन तरह की होती है:

1. टेलीविजन मॉडलिंगः इसमें आपको मूवी कैमरों के सामने मॉडलिंग करनी पड़ती है. जिसका इस्तेमाल टीवी विज्ञापनों, सिनेमा, वीडियो, इंटरनेट में किया जाता है.

2. प्रिंट मॉडलिंगः इसमें स्टिल फोटोग्राफर्स मॉडल्स की तस्वीरें उतारते हैं, जिनका इस्तेमाल अखबार, ब्रोशर्स, पत्रिकाओं, कैटलॉग, कैलेंडरों आदि में किया जाता है.

3 . शोरूम मॉडलिंगः शोरूम मॉडल्स आमतौर पर निर्यातकों, गारमेंट निर्माताओं और बडे़ रिटेलरों के लिए काम करते हुए फैशन को प्रदर्शित करते हैं.

4 . रैंप मॉडलिंगः इसमें मॉडल्स को रैंप पर वॉक करते हुए आधुनिक फैशन की झलक दिखानी होती है. यह प्रदर्शनी, फैशन शो या किसी शोरूम की बात भी हो सकती है. रैंप मॉडल की खड़े होने, चलने की शैली और बॉडी लैंग्वेज का बेहतर होना जरूरी है.

योग्यता:
मॉडलिंग के क्षेत्र में आने के लिए यूं तो किसी खास तरह की योग्यता का होना जरूरी नहीं है. हां, लड़कियों के लिए इस फील्‍ड में लंबाई 5 फुट 7 इंच और लड़कों के लिए 5 फुट 10 इंच होना जरूरी है. इसी के साथ ही अगर आपने किसी मॉडलिंग इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग ले रखी है तो सोने पर सुहागा. 12 वीं के बाद आप सीधे इस क्षेत्र में दाखिला ले सकते हैं.

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प्रमुख संस्थान:
जे.डी.इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन, मुंबई
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन,चंडीगढ़
आर.के फिल्म्स एंड मीडिया एकेडमी, नई दिल्ली

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