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बेगम अख्तर: गजल, ठुमरी की वह आवाज, जिसे आज भी पसंद करते हैं लोग

बेगम अख्तर के 103वें जन्मदिवस के मौके पर गूगल ने डूडल बना कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी है. 

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Begum Akhtar
Begum Akhtar

गुजरे जमाने की मशहूर गायिका बेगम अख्तर का जन्म आज ही के दिन 7 अक्टूबर 1914 में हुआ था. गज़ल गायकी को पसंद करने वाले बेगम अख्तर के गानों से अच्छी तरह वाकिफ हैं. गजल, ठुमरी और दादरी को एक नई पहचान देने के लिए भी बेगम को याद किया जाता है. 

जानते हैं बेगम अख्तर के बारे में...

- उन्हें 'अख्तरी बाई फैजाबादी' का नाम मिला था. बाद में उन्हें  'मल्लिका-ए-गज़ल' के नाम से जाना गया.

- उन्होंने महज 7 साल की उम्र में मौसिकी की तालीम लेनी शुरू की थी. 15 साल की उम्र में पहली पब्लिक परफॉर्मेंस दी. उन्होंने 400 गीतों को अपनी आवाज दी. 

- 45 साल की उम्र तक गजल गायन में सक्रिय रहीं.

- छोटी सी उम्र में बेगम अख्तर के सामने अभिनय के दरवाजे भी खुल गए, जिसके बाद उन्होंने साल 1920 में कोलकाता के एक थिएटर से एक्टिंग करियर की शुरुआत की.

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उन्होंने रोटी फिल्म में एक्टिंग भी की. इस फिल्म के निर्माता महबूब खान थे. यह फिल्म उन्होंने साल 1942 में बनाई थी.

- बेगम अख्तर के 103वें जन्मदिवस के मौके पर गूगल ने डूडल बना कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी है. गूगल द्वारा बनाए डूडल में बेगम अख्तर की एक तस्वीर लगी है जिसमें उन्हें सितार बजाते हुए दिखाया गया है. उनके आस-पास लोग बैठे उनका संगीत सुन रहे हैं.

- बेहतरीन गायिकी के लिए उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था. इतना ही नहीं बेगम अख्तर को भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित सम्मान पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया.

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