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4 बार फेल.. 5वीं बार में टॉप किया UGC-NET... ऐसी है दीक्षा मक्कड़ की स्टोरी

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में लोक प्रशासन विभाग की PHD रिसर्च स्कॉलर दीक्षा मक्कड़ ने UGC-NET में ऑल इंडिया रैंक 1 आने पर कहा कि मैं अंबाला की रहने वाली हूं और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में लोक प्रशासन विभाग की PHD रिसर्च स्कॉलर हूं. मैं 3 सालों से UGC NET की तैयारी कर रही थी और यह मेरी 5वीं कोशिश थी... इस बार मेरी रैंक 1 आई है. यह करना काफी मुश्किल था. 

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 दीक्षा मक्कड़ को 5वें प्रयास में UGC NET परीक्षा में सफलता मिली है. (Photo: x/@AHindinews)
दीक्षा मक्कड़ को 5वें प्रयास में UGC NET परीक्षा में सफलता मिली है. (Photo: x/@AHindinews)

कई बार लगातार मेहनत करने के बाद भी आपको वैसे रिजल्ट नहीं मिलता है, जैसा आप चाहते हैं. इसकी वजह से आप उम्मीद खोने लगते हैं. लेकिन जब वह सपना साकार होता है तो खुशी का ठिकाना नहीं होता है. ऐसा ही कुछ अंबाला की रहने वाली दीक्षा मक्कड़ के साथ हुआ. उन्हें 5वें प्रयास में UGC NET परीक्षा में सफलता मिली है. इस दौरान उन्होंने अपने सफर पर बात की है. लगातार कई बार फेल होने के बाद उन्होंने 5वें प्रयास में इतिहास रच दिया.  

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में लोक प्रशासन विभाग की पीएचडी रिसर्च स्कॉलर दीक्षा का यह सफर स्ट्रगल और मेहनत से भरा हुआ है. हर असफल प्रयास के बाद उन्होंने खुद को बेहतर किया. आज उनकी सफलता लाखों उम्मीदवार के लिए इंस्पीरेशन बन गई है. 

क्या बोली दीक्षा मक्कड़? 

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में लोक प्रशासन विभाग की PHD स्कॉलर दीक्षा मक्कड़ ने बताया कि उन्हें UGC-NET में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल किया है. 3 सालों से UGC NET की तैयारी कर रही थी और यह मेरी 5वीं कोशिश थी... इस बार मेरी रैंक 1 आई है. यह करना काफी मुश्किल था. उन्होंने बताया कि उनका सफर बहुत मुश्किलों भरा है. लेकिन माता पिता और शिक्षकों का विश्वास से ये मेरे लिए बहुत आसान हो गया. 

मान ली थी हार...
 
दीक्षा ने बताया कि UGC NET की तैयारी का सफर उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था. जब उन्होंने पहला अटेंप्ट दिया था, तो उन्हें पेपर पैटर्न और परीक्षा की गंभीरता के बारे में अंदाजा हो गया था. जब उन्होंने दूसरी बार कोशिश की तो, प्रदर्शन बेहतर रहा. लेकिन जब दीक्षा ने तीसरी कोशिश की तो, निराशा उन्हें घेरने लगी थी. चौथे कोशिश के बाद उन्होंने लगभग हार मान ली थी. मगर उनके सुपरवाइजर ने उन्हें फिर से परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया. उनकी बातों से प्रभावित होकर दीक्षा ने दोबारा से तैयारी शुरू की और 5वें प्रयास में AIR 1 हासिल कर ली.

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माता-पिता का है अहम योगदान 

बात करते हुए दीक्षा ने बताया कि उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने वाले उनके टीचर्स, मेंटर, सुपरवाइजर और माता-पिता हैं. परिवार के स्पोर्ट के बिना ये संभव ही नहीं हो पाता. उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन कोचिंग के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत किया. लगातार मॉक टेस्ट और रिविजन ने उनकी काफी मदद की है. 

असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहती हैं दीक्षा...

UGC NET परीक्षा पहले नंबर से पास करने के बाद जब दीक्षा से पूछा गया कि वह आगे क्या करना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा कि वह असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहती हैं. उन्हें रिसर्च, अकैडमिक और टीचिंग करना बहुत पसंद हैं. हालांकि, वे सिविल सेवा में भी इंटरेस्टेड हैं और इसकी तैयारी भी करना चाहती हैं. अपनी सक्सेस स्टोरी को बताते हुए दीक्षा ने कहा कि तैयारी के दौरान शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल्स बनाना बेहद फायदेमंद होता है. उन्होंने अपनी तैयारी को छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड किया था.

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