बदलते समय के साथ AI को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगीं हैं. बदलावों के चलते अब ट्रेडिशनल डिग्रियां नौकरी की पूरी गारंटी नहीं देती. पहले माना जाता था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छी नौकरी मिल ही जाएगी, लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं. नई तकनीक और AI के आने से कई तरह की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं.
ऐसे में ये आर्टिकल उस एक शख्स की सोच और फैसले को बताता है जिसने नौकरी की जगह अपने खुद के काम को प्राथमिकता दी. उसने देखा कि सिर्फ डिग्री के भरोसे भविष्य सुरक्षित नहीं है, इसलिए उसने नौकरी की जगह इलेक्ट्रीशियन बनने का रास्ता चुना. शुरुआत में यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे उसे समझ आया कि यह काम स्थिर है, कमाई अच्छी है और भविष्य भी सुरक्षित है. तो चलिए जानते हैं इस शख्स के बारे में.
जेम्स वैंडल ने बताई नौकरी की सच्चाई
जेम्स वैंडल ने अपने इस फैसले के पीछे कई कारण बताएं हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादातर Gen Z की तरह, मुझे भी अपने पैशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था. मेरे लिए वह पैशन फोटोग्राफी था, जो कोविड-19 से पहले तक मेरा कॉलेज का मुख्य विषय था. मैंने दुनिया के दोबारा खुलने के बाद अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने पर विचार किया था, लेकिन मैं उन 679,000 छात्रों में से एक बन गया, जो कोविड के बाद कभी स्कूल नहीं लौटा.जिन सबजेक्ट में मेरी रुचि नहीं थी, उन्हें पढ़कर मेरा मन नहीं लगता था. मैं साइकोलॉजी या इतिहास नहीं, बल्कि फोटोग्राफी सीखना चाहता था.
नौकरी में भटकता रहा
अगले कुछ सालों तक मैं बिना किसी ठोस प्लानिंग और डॉयरेक्शन के एक नौकरी से दूसरी नौकरी में भटकता रहा. कुछ समय तक मैं एक कैसिनो में कार्ड डीलर था और ब्लैकजैक डीलर बनने के बारे में सोचता रहता था. मैंने इसके लिए पढ़ाई भी शुरू कर दी थी, लेकिन कैसिनो की चकाचौंध और ग्लैमर जल्दी ही फीके पड़ गए. इसके बाद मैंने पेंटिंग और गार्डनिंग का काम किया, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया जिससे मैं किसी मैं अपना करियर बना सकूं. हालात उस समय और मुश्किल हो गए जब एआई तेजी से आया और आसपास के लोग बात करने लगे कि उनकी नौकरियां एआई की वजह से खत्म हो सकती हैं. इससे अच्छी सैलरा वाली नौकरी पाना और भी ज्यादा मुश्किल लगने लगा.
सुरक्षित करियर बन गए असुरक्षित
ऐसे में सुरक्षित माने जाने वाले करियर अब असुरक्षित महसूस होना लगे. उन्होंने आगे बताया कि जब मैं हाई स्कूल में था, तब कंप्यूटर साइंस सबसे लोकप्रिय सबजेक्ट था और कंप्यूटर साइंस में कॉलेज में एडमिशन लेना बेहद मुश्किल भरा था. लेकिन हाल ही में मेरी मुलाकात अपने एक दोस्त से हुई जिसने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और उसे अपने क्षेत्र में नौकरी नहीं मिल पा रही है. उन्होंने मुझसे बताया कि एआई की वजह से मेरी डिग्री अब बेकार हो गई है. फोर्ब्स पत्रिका, पीडब्ल्यूसी, मैककिन्से और विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्क के मुताबिक, साल 2050 तक AI वैश्विक जॉब मार्केट में बड़े बदलाव ला सकता हैं. ऐसे अनुमान लगाया जा रहा है कि AI की वजह से मौजूदा नौकरियों में से करीब 60 फीसदी में किसी न किसी तरह का बदलाव करना पड़ेगा और AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले लोग Gen Z और आने वाली Gen Alpha होंगे.
माता-पिता का अलग था समय
जेम्स वैंडल ने बताया कि मेरे माता-पिता की उम्र के लोगों के लिए, कॉलेज की डिग्री का मतलब होता था कि आपको एक अच्छे व्हाइट-कॉलर प्रोफेशन में नौकरी मिल जाएगी, लेकिन बदलते समय के साथ ये पूरी तरह से बदल गया है. हालांकि, मेरी उम्र के लोग ऐसी नौकरियों और करियर की तलाश कर रहे हैं जिन्हें AI रिप्लेस न कर पाए.
इन नौकरियों का किया जिक्र
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम मेडिकल फील्ड का है. इनमें डॉक्टर, नर्स और थेरेपिस्ट शामिल हैं लेकिन इसमें अच्छे स्किल्स की बहुत जरूरत है.
इस प्रोफेशन ने किया आकर्षित
जेम्स वैंडल ने बताया कि मेरे दिल ने मुझे कहा कि मुझे एक नौकरी से दूसरी नौकरी बदलने की जगह अपने लिए सही रास्ता खोजना होगा. मैं वह व्यक्ति नहीं हूं जो सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ऑफिस काम करें. मेरे बॉडी पर टैटू है. मैंने पियर्सिंग करवाई है. मुझे टी-शर्ट और हुडी पसंद हैं. मुझे एक ही काम करते-करते या एक ही जगह पर लंबे समय तक रहते हुए बोरियत हो जाती है लेकिन मुझे ट्रैवल करना बहुत पसंद है. मुझे अपने हाथों से काम करना अच्छा लगता. इस दौरान जिन करियर ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया वह था इलेक्ट्रीशियन बनना, जो एक हई स्किल्ड प्रोफेशन है जिसके लिए स्थिर हाथ और एक्टिव माइंड की जरूरत होती है. इलेक्ट्रीशियन समस्याओं को दूर करने का काम करत है और कोई कंप्यूटर प्रोग्राम आपके घर की वायरिंग नहीं कर सकता है.
कारीगरों के प्रति गलत व्यवहार
हालांकि, आज भी कई लोग कारीगरों के काम को कमतर समझते हैं, लेकिन इलेक्ट्रीशियन एक ऐसा पेशा है जिसे आप दुनिया में कहीं भी कर सकते हैं. बिजली हमेशा रहेगी और स्किल तकनीशियनों की मांग हमेशा बनी रहेगी.
मिलती है इतनी सैलरी
अमेरिका में शुरुआती इलेक्ट्रीशियन की सालाना सैलरी 50,000–60,000 डॉलर (लगभग 45–54 लाख रुपये) होती है. वहीं, अनुभवी इलेक्ट्रीशियन छह अंकों में भी कमाई कर सकते हैं.
(जेम्स वैंडल रोजडेल, टेक्निकल कॉलेज, पिट्सबर्ग, अमेरिका)