इवनिंग कॉलेजों में वोटिंग जारी. (PTI Image for representation) DUSU Election 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए मतदान की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. इस बार चुनाव में ABVP, NSUI और वामपंथी छात्र संगठनों (AISA-SFI) के बीच मुकाबला रहा. मतदान दो पारियों, मॉर्निंग और इवनिंग, में कराया गया.
शाम 7 बजे तक 43 EVM काउंटिंग सेंटर पहुंच चुकी थीं. अब तक DUSU चुनाव में 39.78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है. मतदान खत्म होने के बाद अब सभी की नजरें वोटों की गिनती पर टिकी हैं.
छात्रसंघ के चार प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में रहे. ABVP की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास मैदान में हैं, जबकि NSUI ने विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया है. वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से भी चुनाव में दावेदारी पेश की गई.
चुनाव के दौरान कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और बिना वैलिड आईडी कार्ड के छात्रों को कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई.
DUSU चुनाव के दौरान कैंपस में शक्ति प्रदर्शन, बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों के काफिले और हुड़दंगबाजी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया था. हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और डीयू प्रशासन से सवाल किया था कि भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ.
इस चुनाव में हॉस्टल सुविधा, सस्ती शिक्षा, कैंपस सुरक्षा और मेट्रो पास जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. मतदान पूरा होने के बाद अब वोटों की गिनती 19 सितंबर को होगी, जिसके बाद DUSU के चार प्रमुख पदों के नतीजे सामने आएंगे.
DUSU चुनाव में शाम 7 बजे तक 43 EVM काउंटिंग सेंटर पहुंचीं. अब तक 39.78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
सुरक्षाबलों ने छात्रा को हिरासत में ले लिया है. दिल्ली विश्वविद्यालय के इवनिंग शिफ्ट में LC-1 पर चल रही मतदान प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर NSUI से जुड़ी एक छात्रा को फर्जी ID कार्ड के जरिए वोट डालने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया. उसके पास से एक फर्जी ID कार्ड बरामद हुआ, जिसके पश्चात सुरक्षाबलों द्वारा उसे हिरासत में लिया गया है.
एबीवीपी का दावा है कि पूछताछ के दौरान छात्रा ने NSUI से जुड़े होने और NSUI द्वारा 100 से अधिक फर्जी ID कार्ड बनाए जाने की बात स्वीकार की. यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास है और मतदान की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अदिति महाविद्यालय के बाद अरविंदो कॉलेज मॉर्निंग में भी 6-0 से क्लीन स्वीप किया. इसके अलावा भारती महाविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में सभी 8 पदों पर प्रचंड जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है.

अदिति महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सभी पदों पर भारी मतों से जीत हासिल की है. अभाविप अदिति महाविद्यालय के सभी विद्यार्थियों का इस सहयोग इसे आभार व्यक्त करती है.

डे शिफ्ट के कॉलेजों में दोपहर 1:00 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद अब ईवनिंग शिफ्ट के कॉलेजों (जैसे दयाल सिंह ईवनिंग, रामलाल आनंद ईवनिंग आदि) में दोपहर 3:00 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है. छात्र-छात्राएं शाम 7:30 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसके तुरंत बाद ईवीएम मशीनों को सील कर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मल्टीपर्पज हॉल में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जाएगा.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की प्रथम चरण की वोटिंग कम्प्लीट हो चुकी है और सुबह से इस वोटिंग में विद्यार्थी जिस प्रकार से, जिस उत्साह के साथ एबीवीपी को वोट कर रहे हैं, उससे प्रतीत हो रहा है कि विद्यार्थी परिषद इस चुनाव में 4-0 से आगे आने वाली है, हम क्लीन स्वीप करने वाले हैं. बता दें कि एबीवीपी ने जिस तरह पहले चरण में ही आत्मविश्वास दिखा दिया है, कहीं जेन जी इसे अति विश्वास में न बदल दें. अभी कौन जीतेगा या कौन हारेगा इसका फैसला जेन जी वोटर्स के हाथ में है. दूसरे चरण का मतदान अभी जल्द शुरू होगा, तब तक पिक्चर बाकी है!
एक ओर हाईकोर्ट लगातार चुनावी प्रक्रिया में आउट साइडर्स के नाम पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही है. दूसरी तरफ एबीवीपी ने एक बार फिर आउटसाइडर्स की एंट्री अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा की है. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
NSUI संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी गोपाल चौधरी के नाम की प्रिंटेड पर्चियों को NSUI कार्यकर्ता द्वारा LC1 के बाहर बांटते हुए पकड़ा गया है. सुरक्षाबलों ने उसे हिरासत में लिया है. वहीं एक कार्यकर्ता पर शराब पीकर प्रचार करने का आरोप भी लगाया है, देखें ट्वीट
चुनाव आचार संहिता (Poll Code) के गंभीर उल्लंघन पर नाराजगी जताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों और ABVP, NSUI, ASAP समेत सभी छात्र राजनीतिक संगठनों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने पूछा है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के एवज में उन पर भारी और अनुकरणीय जुर्माना (Exemplary Costs) क्यों न लगाया जाए. कोर्ट ने साफ कर दिया कि इस बार किसी की भी माफी स्वीकार नहीं की जाएगी.
गुंडागर्दी और नियमों के उल्लंघन पर बेहद सख्त फैसला सुनाया है. अदालत ने कल (शनिवार) आने वाले चुनाव परिणामों के दिन किसी भी तरह के जीत के जुलूस (Victory Procession), रैली या ढोल-नगाड़े बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि देश की राजधानी में ऐसी हुड़दंगबाजी और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
हाईकोर्ट ने चुनावी बैठकों में हिस्सा लेने वाले छात्र संगठनों (NSUI, ABVP आदि) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का दावा करते हैं, लेकिन ज़मीन पर ऐसा कुछ नहीं दिखता. अदालत ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कैंपस में संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, दीवारों पर गंदगी फैलाने और हुड़दंगई करने के बदले सभी संबंधित छात्र संगठनों पर सामूहिक जुर्माना लगाया जाएगा. कोर्ट ने पुलिस को अपनी स्टेटस रिपोर्ट सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को सौंपने के निर्देश दिए हैं.
सुनवाई के दौरान प्रोफेसर पर हुए हमले का मुद्दा भी उठा. कोर्ट के पूछने पर पुलिस ने बताया कि हमले के आरोप में एक छात्र को 3 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि 'बाहरी तत्वों' का शोर मचाने से क्या होगा, जब वारदात में छात्र खुद शामिल पाए जा रहे हैं. अदालत ने डीयू प्रशासन से पूछा कि उन्होंने इस मामले में क्या कदम उठाए, जिस पर डीयू के वकील ने बताया कि कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए हैं.
पुलिस ने हाईकोर्ट को दी जानकारी में ये भी बताया है कि अब तक 6 एफआईआर दर्ज की हैं, 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और 1 छात्र को रस्टिकेट (निष्कासित) किया गया है. बता दें कि कड़ी सुरक्षा के बीच आज दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के चुनाव में मतदान की प्रक्रिया जारी है. चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस तैनात है.
उच्च अदालत ने कहा कि खुली आंखों से दिखने वाली चीजों पर भी अगर पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकती, तो यह बेहद गंभीर विषय है. उम्मीदवारों का यह व्यवहार आम छात्रों के बीच डर और आतंक का माहौल पैदा करता है.

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के दौरान कैंपस में शक्ति प्रदर्शन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाया. सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा 10 से 20 गाड़ियों के बड़े-बड़े काफिले निकालना, गाड़ियों की छतों और बोनट पर खड़े होकर नारेबाजी करना गुंडागर्दी के अलावा कुछ नहीं है. जस्टिस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती के बावजूद यह सब कैसे हुआ? दिल्ली की सड़कों पर एक भी गाड़ी बिना नंबर प्लेट के चलने की अनुमति कैसे दी जा सकती है? कैंपस के आसपास उम्मीदवारों की तस्वीरों वाली गाड़ियां कैसे घूम रही थीं? क्या यह जांचना आपकी ड्यूटी का हिस्सा नहीं था?
नॉर्थ कैंपस के दिल कहे जाने वाले 'छात्रा मार्ग' पर गाड़ियों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने मिरांडा हाउस से लेकर लॉ फैकल्टी तक फ्लैग मार्च किया. पुलिस की बाइक पेट्रोलिंग टीमें और ड्रोन कैमरों से क्राउड मैनेजमेंट पर नजर रखी जा रही है ताकि हुड़दंग या गुटबाज़ी की किसी भी गुंजाइश को तुरंत दबाया जा सके.

दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में चुनावी लहर छाई हुई है. हर तरफ बैलट नंबर वाली पर्चियां छाई हुई हैं. चुनावी माहौल में रंगे कैंपस में सुरक्षा के भी चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं. अब डीयू में कैंपस पॉलिटिक्स का नया चेहरा कौन बनेगा, ये फैसला आज शाम तक बैलेट बॉक्स में कैद हो जाएगा. शनिवार को ही पता चलेगा कि किसकी किस्मत में है डूसू का ताज...
एबीवीपी ने मीडिया को दी गई जानकारी में आरोप लगाया कि दयाल सिंह कॉलेज में एनएसयूआई (NSUI) के बागी निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा अभाविप (ABVP) के नाम से गलत पर्चियां छपवाकर बांटने का गंभीर मामला सामने आया है. छात्रों में भ्रम फैलाने की नीयत से उपाध्यक्ष पद के इस उम्मीदवार ने नियमों के विपरीत पर्ची पर अपना नाम सबसे ऊपर रखा था. कॉलेज परिसर में ऐसी फर्जी सामग्री बांटते हुए दो लोगों को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया है. इसके पूर्व भी एक व्यक्ति को पुलिस को सौंपा गया है.

शुक्रवार को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सभी ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा में सुरक्षित रखा जाएगा. वोटों की गिनती शनिवार को नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित की जाएगी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मतगणना प्रक्रिया और परिणाम घोषित होने के दौरान भी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे.
एबीवीपी के मीडिया सह संयोजक अभिनव मिश्रा ने पैनल की गलत पर्ची शेयर करते हुए आरोप लगाया कि एनएसयूआई गलत ढंग से प्रचार कर रही है. उन्होंने नीचे दी गई फोटो साझा करते हुए बताया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता यह गलत पर्ची बांटते हुए पकड़ा गया है, जिसमें ऊपर Vote for ABVP लिखा है और अध्यक्ष और सह सचिव में विजय शंकर मीणा और सह सचिव पद पर विशेष यादव लिखा है. यह बेहद शर्मनाक है और उसे पुलिस को सौंप दिया गया है, इसपर कार्रवाई की मांग करते है.

कन्हैया कुमार ने इस बार डूसू- 6,4,1,2 पर वोट देने की अपील की है. उन्होंने एनएसयूआई के मुद्दों को याद दिलाते हुए पैनल के लिए समर्थन मांगा.
एबीवीपी ने एक्स पर लिखा कि NSUI का कार्यकर्ता देवेन्द्र दानु (CLC विद्यार्थी) वोटिंग से ठीक पहले ABVP का गलत पैनल नंबर बांटते हुए पकड़ा गया. अभाविप कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस के हवाले किया. छात्रों के वोट को भ्रमित करने की ऐसी घटिया चालें चलने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
इस बार डूसू चुनाव में मुख्य रूप से आरएसएस समर्थित एबीवीपी (ABVP), कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई (NSUI) और आइसा-एसएफआई (AISA-SFI) के वामपंथी गठबंधन के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. पिछले चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष पद समेत केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर कब्जा जमाया था, जबकि एनएसयूआई को केवल उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल हुई थी.
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए छात्र मार्ग, प्रोबाइन रोड और यूनिवर्सिटी रोड जैसे प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. यह ट्रैफिक व्यवस्था शनिवार को चुनावी नतीजे घोषित होने तक लागू रहेगी. इसके अलावा, पुलिस टीमें कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर प्रवेश और निकास द्वारों पर छात्रों की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रही हैं.
छात्रसंघ के चार केंद्रीय पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए मतदान दो अलग-अलग पारियों में कराया जा रहा है. डे कॉलेजों (मॉर्निंग शिफ्ट) में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक वोट डाले जा रहे हैं. वहीं इवनिंग कॉलेजों के छात्र दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. मतदान केंद्रों पर भीड़ और अनावश्यक जमावड़े को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा लगाई गई है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. नॉर्थ और साउथ दोनों परिसरों में शांतिपूर्ण मतदान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है. संवेदनशीलता को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है, जबकि बाइक सवार टीमें, फुट गश्त और पीसीआर वैन लगातार परिसरों में मुस्तैद हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव के दौरान हुई हिंसा और दीवारों को गंदा करने की घटनाओं पर नाराजगी जताई थी और चुनाव परिणाम पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी. इसके बाद से डीयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं. मतदान केंद्रों के बाहर किसी तरह की झड़प या हिंसा को रोकने के लिए पूरी तैयारी साफ नजर आ रही है. तस्वीर में देखिए मतदान केंद्र के बाहर रखे बैरीकेड बता रहे हैं कि दिल्ली पुलिस कैसे हर परिस्थिति से निपटने को तैयार है.

चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए नॉर्थ और साउथ दोनों परिसरों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति या उपद्रवी को कैंपस में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है. संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और सीसीटीवी कैमरों से पूरी मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है.

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU Election ) आज किराया जा रहा है जिसको लेकर व्यापक तैयारियां की गई है वहीं इस दौरान किसी प्रकार के हुड़दंग हंगामा को रोकने को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती कॉलेज (मतदान केंद्र ) पर की गई है.

जो तस्वीर आप देख रहे हैं. यह तस्वीर दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज की तस्वीरें हैं जहां आप देखेंगे दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव हो रहा है जिसको लेकर यहां व्यापक तैयारियां की गई है और यहां पर मॉर्निंग कॉलेज में सुबह 8:30 बजे से मतदान हो रहा है. वही इवनिंग कॉलेज में शाम 3:00 से मतदान होगा. चुनाव को लेकर यहां पर तमाम इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ ही अर्ध सैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है. वही चुनाव से पहले बैनर पोस्टर साफ करते सफाई कर्मी दिखे.

विश्वविद्यालय चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं छात्रों को मतदान केंद्र में प्रवेश मिलेगा, जिनके पास कॉलेज का वैध पहचान पत्र (ID Card) होगा. प्रथम वर्ष के छात्र, जिन्हें अभी तक पक्का आईडी कार्ड नहीं मिला है, वे अपनी फीस स्लिप और आधार कार्ड दिखाकर मतदान कर सकते हैं. सुरक्षा बल बिना पहचान पत्र के किसी को भी एंट्री नहीं दे रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के मॉर्निंग कॉलेजों में सुबह 8:30 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. हंसराज, हिंदू, रामजस और मिरांडा हाउस जैसे प्रमुख कॉलेजों के बाहर सुबह से ही छात्रों की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. नए मतदाताओं में विशेष उत्साह है. वोटिंग दोपहर 1:00 बजे तक जारी रहेगी. प्रशासन ने प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और पुलिस बल तैनात किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.