जब ज्यादातर छात्र परीक्षा और प्रोजेक्ट की चिंता में रहते हैं, तब दूर विदेश में एक 17 साल का युवक अपनी रचनात्मकता और कंप्यूटर स्किल्स के बल पर इतिहास रच रहा था. उनकी मेहनत को सबसे बड़े स्टूडेंट साइंस अवॉर्ड में टॉप स्थान मिला और साथ में मिला लाखों का इनाम. अब सबकी नजरें इस युवा प्रतिभा पर टिकी हुई हैं.
अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य के 17 साल के छात्र कॉनर हिल ने पढ़ाई के साथ-साथ ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि पूरी दुनिया हैरान है. उन्होंने ज्यामिति की एक लंबे समय से अनसुलझी पहेली को कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से हल कर दिया और 2026 रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च में टॉप प्राइज जीत लिया.
इनाम में उन्हें मिले 2.5 लाख डॉलर, यानी करीब 2.39 करोड़ रुपये.कॉनर हिल पोर्ट मटिल्डा के रहने वाले हैं और स्टेट कॉलेज स्थित डेल्टा हाई स्कूल के छात्र हैं. उन्होंने 'नोबल पॉलीहेड्रा' नाम की दुर्लभ त्रि-आयामी आकृतियों पर काम किया. ये ऐसी आकृतियां होती हैं जिनके सभी फलक एक जैसे आकार के होते हैं और हर कोना एक जैसा कोण बनाता है. क्यूब इसका सबसे आसान उदाहरण है.
क्या था गणितज्ञों का सवाल?
इससे पहले गणितज्ञों ने नोबल पॉलीहेड्रा के दो अनंत परिवार और 61 अलग-अलग उदाहरण खोजे थे. लेकिन उन्हें शक था कि और भी अलग-अलग उदाहरण मौजूद हो सकते हैं. कॉनर ने एक कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया, जिसने सभी संभावित तरीकों से इन आकृतियों की जांच की. नतीजा यह निकला कि अलग-अलग (आइसोलेटेड) नोबल पॉलीहेड्रा की सही संख्या ठीक 146 है. इसके अलावा दो अनंत परिवार पहले से मौजूद हैं.
कैसे शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट?
कॉनर को यह समस्या एक ऑनलाइन ज्यामिति कम्युनिटी में मिली. धीरे-धीरे उन्होंने इसे पूरा प्रूफ बना दिया. उनके रिसर्च में डिस्क्रीट ज्योमेट्री और अल्जेब्रिक ज्योमेट्री दोनों के आइडियाज इस्तेमाल हुए. कॉनर का कहना है कि उन्हें हमेशा पैटर्न्स और उनके अलग-अलग क्षेत्रों में दिखने का तरीका आकर्षित करता रहा है.
इस साल की Regeneron Science Talent Search में 2600 से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें से सिर्फ 40 फाइनलिस्ट चुने गए. कॉनर ने इनमें पहला स्थान हासिल किया.अब कॉनर MIT में दाखिला लेने वाले हैं. पढ़ाई के अलावा वे स्कूल के न्यूज प्रोग्राम में सेगमेंट चलाते हैं, शावर्स क्रीक एनवायरनमेंटल सेंटर में वॉलंटियर करते हैं और नेचर के साथ जगलिंग का शौक भी रखते हैं.