World Television Day 2022: हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस (World Television Day) सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन का उद्देश्य टेलीविजन के महत्व को उजागर करना है. टेलीविजन एक ऐसा मास मीडियम (जन माध्यम) है जहां ऑडियो-विजुअल कॉम्युनिकेशन के जरिए आपको मनोरंजन, शिक्षा, समाचार, राजनीति, गपशप आदि की जानकारी एक जगह बैठे-बैठे मिलती है. अपने अविष्कार के बाद से यह शिक्षा और मनोरंजन के सबसे जरूरी माध्यम में से एक रहा है.
विश्व टेलीविजन दिवस का इतिहास
नवंबर 1996 में, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पहले वर्ल्ड टेलीविजन फोरम का आयोजन किया था. प्रमुख मीडिया हस्तियां फोरम का हिस्सा थीं, जहां उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर टेलीविजन के बढ़ते महत्व पर चर्चा की. तभी महासभा ने हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया.
टेलीविजन का इतिहास
टीवी का आविष्कार एक स्कॉटिश इंजीनियर, जॉन लोगी बेयर्ड ने साल 1924 में किया था. इसके बाद साल 1927 में फिलो फार्न्सवर्थ ने दुनिया के पहले वर्किंग टेलीविजन का निर्माण किया था, जिसे 01 सितंबर 1928 को प्रेस के सामने पेश किया गया था. कलर टेलीविजन का आविष्कार भी जॉन लोगी बेयर्ड ने साल 1928 में किया था. जबकि पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग 1940 से शुरू हुई थी.
भारत में टीवी का इतिहास
1924 में टीवी के आविष्कार के तीन दशकों के बाद ये भारत में आया था. प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, यूनाइटेड नेशनंस एजुकेशनल, साइंटिफिक और कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (UNESCO) की सहायता से नई दिल्ली में 15 सितंबर, 1959 को भारत में टेलीविजन की शुरुआत हुई थी. 'ऑल इंडिया रेडियो' के अंतर्गत टीवी की शुरुआत हुई थी और आकाशवाणी भवन में टीवी का पहला ऑडिटोरियम बना, जो पाचंवी मंजिल पर था. इसका उद्घाटन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था.
भारत में टीवी के शुरुआती दौर में सामुदायिक स्वास्थ्य, यातायात, सड़क नियम, नागरिकों के कर्तव्यों और अधिकारों जैसे विषयों पर सप्ताह में दो बार दिन में एक घंटे के लिए प्रोग्राम चलाए जाते थे. 1972 तक अमृतसर और मुंबई के लिए टेलीविजन की सेवाएं शुरू हुईं. जबकि 1975 तक भारत के केवल सात शहरों में ही टेलीविजन की सेवा शुरू हुई थी. वहीं भारत में कलर टीवी और राष्ट्रीय प्रसारण शुरुआत साल 1982 में हुई थी.
80 के दशक के अंत में, टेलीविजन ने भारत को एकजुट करने में भी मदद की, क्योंकि कई लोग.. हम लोग, बुनियाद, रामायण और महाभारत जैसे प्रतिष्ठित शो देखने के लिए एक ही स्क्रीन के सामने इकट्ठा होते थे.