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वेनेजुएला के राष्ट्रपति की सिक्योरिटी में क्यों थे क्यूबा के एजेंट? कई मारे गए... समझिए पूरा गेम

वेनेजुएला में अमेरिकी हमले में बहुत सारे लोग मारे गए. खुद ट्रंप ने ये बात कही और उन्होंने जोर देकर कहा कि हमले में काफी क्यूबावासी मारे गए हैं. क्यूबा ने भी वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले में मारे गए अपने देशवासियों के सम्मान में 5 और 6 जनवरी को शोक मनाने की घोषणा की है. क्यूबा ने कहा है कि उनके वीर देशवासी मादुरो की रक्षा करते हुए मारे गए. ऐसे में जानते हैं कि आखिर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सिक्योरिटी में क्यूबा के लोग क्यों तैनात थे.

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वेनेजुएला के राष्ट्रपति की सुरक्षा में क्यूबावासी तैनात थे. उनके देश ने खुद इसकी पुष्टि की है (Photo - Reuters)
वेनेजुएला के राष्ट्रपति की सुरक्षा में क्यूबावासी तैनात थे. उनके देश ने खुद इसकी पुष्टि की है (Photo - Reuters)

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पूरी दुनिया स्तब्ध है. इस घटना के बाद विश्व दो धड़े में बंटा दिखाई दे रहा है. कई देश इसके फेवर में हैं, तो कई इसकी आलोचना कर रहे हैं. जब अमेरिका ने मादुरो के ठिकाने पर हमला किया तो उसकी सुरक्षा में तैनात कई गार्ड मारे गए. अजीब बात ये है कि मारे गए सुरक्षाकर्मी वेनेजुएला के नहीं थे. सभी क्यूबा के थे. 

आखिर वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे देश के अंगरक्षकों की क्या जरूरत थी. अपने देश के लोग उनकी सुरक्षा में तैनात क्यों नहीं थे और क्या सच में क्यूबा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सुरक्षा प्रदान कर रहा था. चर्चा तो यहां तक होती है कि वेनेजुएला का इंटेलीजेंस ब्यूरो भी क्यूबा के लोग ही चलाते हैं.

क्या सच में क्यूबा के लोग करते थे मादुरो की सुरक्षा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्यूबा सरकार ने रविवार को कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से अमेरिका द्वारा किए गए हमले में उसके 32 नागरिक मारे गए.क्यूबा के मुताबिक मृतकों के सम्मान में 5 और 6 जनवरी को दो दिन का शोक मनाया जाएगा और अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं की घोषणा बाद में की जाएगी.

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क्यूबा सरकार के बयान में वेनेजुएला में उनके देशवासियों की मौत के बारे में बहुत कम विवरण दिए गए है, लेकिन कहा गया कि सभी मृतक क्यूबा के सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों के सदस्य थे. क्यूबा ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और रक्षा संबंधी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सच्चे रहते हुए, हमारे देशवासियों ने गरिमा और वीरता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वाह किया और भयंकर प्रतिरोध के बाद, हमलावरों के खिलाफ सीधी लड़ाई में या सुविधाओं पर बमबारी के परिणामस्वरूप शहीद हो गए.

वेनेजुएला के इंटेलीजेंस में भी क्यूबा के लोग शामिल
सत्ता में आने के बाद से क्यूबा ने मादुरो को कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान की थी. यह स्पष्ट नहीं है कि मरने वाले क्यूबाई नागरिकों में से कितने वेनेजुएला के राष्ट्रपति की सुरक्षा कर रहे थे और कितने अन्य स्थानों पर मारे गए होंगे.  फिर भी, क्यूबा के बयान से ये पुष्टि होती है कि वेनेजुएला में उसका हस्तक्षेप रहा है और वहां की इंटेलिजेंस में और यहां तक की राष्ट्रपति की सुरक्षा में भी क्यूबा के नागरिक शामिल थे.

इधर, अमेरिका हमेशा से क्यूबा पर आरोप लगाता रहा है कि उसका वेनेजुएला में हद से ज्यादा हस्तक्षेप रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क  रूबियो ने तो यहां तक कहा कि वेनेजुएलावासियों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यह है कि उन्हें क्यूबा से स्वतंत्रता की घोषणा करनी होगी. क्यूबा ने इसे उपनिवेश बनाने की कोशिश की है.

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फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा था कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद क्यूबा के नेताओं को चिंतित होना चाहिए. क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन अपना ध्यान कैरेबियन द्वीप की ओर मोड़ सकता है.

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क्यूबा ने वेनेजुएला में लंबे समय से अपनी उपस्थिति बनाए रखी है. यही वजह है कि जहां हवाना और काराकास के बीच घनिष्ठ संबंधों के चलते वेनेजुएला में क्यूबा के खुफिया एजेंट और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. रुबियो ने कहा कि वेनेजुएला की जासूसी एजेंसी मूल रूप से क्यूबावासियों से भरी हुई है. जैसा कि मादुरो की सुरक्षा टीम में क्यूबा के नागरिक भरे पड़े हैं.

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