1885 में 28 दिसंबर को भारतीय नेशनल कांग्रेस की स्थापना हुई थी. जानें खास बातें...
- 131 बरस पहले बनी थी पार्टी. आजादी के बाद देश पर सबसे लंबे समय तक राज किया.
- इसके संस्थापकों में थ्योसॉफिकल सोसाइटी के सदस्य एलन ऑक्टेवियन हुमे, दादाभाई नौरोजी और दिनशॉ वाचा शामिल थे.
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- जंग-ए-आजादी में कांग्रेस का अहम योगदान रहा और उसके 1.5 करोड़ सदस्यों और 7 करोड़ से ज्यादा सहयोगियों ने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया.
- आजादी से 2016 के बीच हुए 16 लोकसभा चुनावों में से 6 बार उसे स्पष्ट बहुमत मिला और 4 बार उसने गठबंधन में सरकार बनाई.
- 1947 के बाद 49 साल तक देश की बागडोर कांग्रेस के हाथों में रही और उसने देश को 7 प्रधानमंत्री दिए.
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- सबसे अच्छा प्रदर्शन 1984 में रहा जब पार्टी को 415 लाकसभा सीटें मिलीं थीं.
- सबसे खराब प्रदर्शन 2014 में रहा जब पार्टी को 44 लोकसभा सीटें मिलीं.

आज कम से कम 11 सियासी दल ऐसे हैं जो कभी कांग्रेस का हिस्सा हुआ करते थे.
1939- ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक बना. इसके पार्टी प्रमुख थे सुभाष चंद्र बोस
1964- केरल कांग्रेस का गठन. इसमें से कई राजनीतिक दल बने. केरल कांग्रेस (एम), केरल कांग्रेस (बी), केरल कांग्रेस (जैकब), केरल कांग्रेस (थॉमस), केरल कांग्रेस (नेशनलिस्ट).
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1967- इंडियन नेशनल कांग्रेस (इस पार्टी को चुनाव आयोग ने 1971 आम चुनावों के बाद मान्यता दी). इसकी पार्टी प्रमुख इंदिरा गांधी थीं.
1968- मणिपुर पीपल्स पार्टी बनी. पार्टी प्रमुख थे मोहम्मद अलीमुद्दीन
1997- ऑल इंडिया तृणमूल कांगेस का गठन किया. ममता बैनर्जी ने अगुवाई की.
1999- नेशनल कांग्रेस पार्टी बनी. अध्यक्ष थे शरद पवार.
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2002- विदर्भ जनता कांग्रेस बनी. पार्टी प्रमुख जम्बवंतराव धोते थे.
2007- हरियाणा जनहित कांग्रेस बनी. भजन लाल ने अगुवाई की.
2011- वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का गठन. पार्टी प्रमुख थे वाई एस जगनमोहन रेड्डी. इसी साल ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस भी बनी. एन रंगास्वामी ने अगुवाई की.
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2014- जय समायकआंध्र पार्टी. एन किरणकुमार रेड्डी ने पार्टी बनाई.
सोर्स: न्यूजफ्लिक्स