उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित और सोशल मीडिया की चहेती आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा ने कल, 29 मार्च 2026 को राजस्थान के जोधपुर में एक भव्य समारोह में आईपीएस कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई के साथ सात फेरे लिए. संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली में तैनात अंशिका वर्मा की इस 'शाही शादी' की तस्वीरें इंटरनेट पर छाई हुई हैं. लेकिन इस जश्न के बीच प्रशासनिक गलियारों में एक पुरानी चर्चा फिर से तेज हो गई है कि क्या अंशिका वर्मा अब 'कलेक्टर' (IAS) बनने के अपने अधूरे सपने को पूरा करेंगी?
वर्दी पहनकर भी 'आईएएस' की टीस?
अंशिका वर्मा ने 2021 की यूपीएससी परीक्षा में 136वीं रैंक हासिल की थी. हालांकि, एक वायरल इंटरव्यू में उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि आईपीएस की वर्दी मिलने के बाद भी उनके मन में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) को लेकर एक कसक बाकी है. अब जब उनके जीवनसाथी खुद एक सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं, तो सवाल उठ रहा है कि क्या घर में 'पावर बैलेंस' और 'प्रोटोकॉल' के टॉप पर पहुंचने के लिए अंशिका फिर से किताबों की दुनिया में लौटेंगी?
क्या दांव पर लगेगा 'होम कैडर'?
अंशिका के लिए आईएएस बनने की राह अब आसान नहीं होगी. नियम कहते हैं कि अगर वह दोबारा यूपीएससी देती हैं और उन्हें आईएएस मिलता है, तो उन्हें अपनी वर्तमान IPS सेवा से इस्तीफा देना होगा. सबसे बड़ा रिस्क 'कैडर' का है; वर्तमान में दोनों पति-पत्नी यूपी कैडर में हैं, लेकिन आईएएस बनने के बाद उन्हें कोई भी नया राज्य मिल सकता है. क्या वह अपने पति के साथ यूपी में 'कप्तान' बने रहना पसंद करेंगी या फिर 'कलेक्टर' की कुर्सी के लिए अपना होम कैडर और जमी-जमाई सर्विस दांव पर लगाएंगी?
क्या प्रमोशन से बन सकते हैं IAS?
यह समझना जरूरी है कि कोई भी IPS अधिकारी सीधे IAS में ट्रांसफर नहीं हो सकता. अगर कोई अधिकारी IAS बनना चाहता है, तो उसे दोबारा UPSC परीक्षा पास करनी होती है. यानी प्रक्रिया वही है जो एक नए उम्मीदवार के लिए होती है.