12वीं में कॉमर्स की पढ़ाई कर रहे छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल यहीं होता है कि आगे जाकर वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनें या फिर कंपनी सेक्रेटरी (CS). दोनों ही प्रोफेशन बेहद लोकप्रिय हैं. इस फील्ड में अच्छी सैलरी के साथ करियर सुरक्षित माना जाता है. लेकिन अक्सर छात्र इस बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं कि इन दोनों फील्ड में अंतर क्या है और उनके लिए कौन-सा ऑप्शन बेहतर है. ऐसे में सही जानकारी के बिना फैसला लेना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर दोनों प्रोफेशन के बीच क्या अंतर है.
CA और CS में क्या है अंतर?
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का काम बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ा होता है. CA ऑडिट, टैक्सेशन, फाइनेंशियल रिपोर्ट और मैनेजमेंट जैसे काम को संभालते हैं. वहीं, कंपनी सेक्रेटरी (CS) एक सीनियर मैनेजमेंट प्रोफेशन है. CS कंपनी के कानूनी नियम, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और लीगल कंप्लायंस की देखरेख करता है. वे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, शेयरहोल्डर्स और सरकार के बीच एक मीजियम की भूमिका निभाता है.
क्या होता है CA का काम?
CA यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट का मुख्य काम पैसों से जुड़ा होता है. ये कंपनियों, संस्थानों और व्यक्तियों के अकाउंट्स, टैक्स, ऑडिट और फाइनेंशियल प्लानिंग को संभालते हैं. इसके साथ ही टैक्स रिटर्न फाइल करना, कंपनी का ऑडिट करना, फाइनेंशियल रिपोर्ट तैयार करना और टैक्स बचाने की सलाह देना का काम भी इनका ही होता है.
इस तरह बन सकते हैं CA
CA बनने के लिए छात्रों को Chartered Accountancy (CA) का प्रोफेशनल कोर्स करना होता है, जिसे Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) करवाता है. इसके लिए 12वीं पास करने के बाद इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. पहले लेवल CA Foundation होता है. इसके बाद CA Intermediate की परीक्षा देनी होती है, जो दो ग्रुप में होती है. इंटरमीडिएट पास करने के बाद छात्रों को किसी प्रैक्टिसिंग CA के साथ 3 साल की आर्टिकलशिप करनी जरूरी होती है, जिससे उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव मिल सकें. आर्टिकलशिप खत्म होने के बाद CA फाइनल का एग्जाम देना होता है. इन सभी लेवल को पास करने बाद छात्र चार्टर्ड अकाउंटेंट बनता है. इस पूरे प्रोसेस को पूरा होने में कम से कम 4.5 से 5 साल का समय लगता है. CA की शुरुआती सैलरी लगभग 7–10 लाख रुपये सालाना हो सकती है.
क्या होता है CS का काम?
कंपनी सेक्रेटरी का काम कंपनी के कानूनी और प्रशासनिक मामलों से जुड़ा होता है. CS यह सुनिश्चित करते हैं कि कंपनी सरकारी कानूनों और नियमों का ठीक तरह से पालन कर रही है या नहीं. साथ में कंपनी कानून का पालन कराना, बोर्ड मीटिंग और AGM की तैयारी, ROC और सरकार के साथ दस्तावेज जमा करना और लीगल और कॉर्पोरेट सलाह देना शामिल है.
इस तरह बन सकते हैं CS
कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए छात्रों को Institute of Company Secretaries of India (ICSI) की ओर से प्रोफेशनल कोर्स करवाता है. 12वीं पास करने के बाद छात्र इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. सबसे पहले CSEET (CS Executive Entrance Test) देना होता है, जो एंट्री लेवल परीक्षा है. इसे पास करने के बाद छात्र CS Executive प्रोग्राम में एडमिशन लेते हैं, जिसमें कंपनी लॉ, टैक्स लॉ और कॉर्पोरेट मैनेजमेंट से जुड़े सबजेक्ट पढ़ाए जाते हैं. एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा करने के बाद छात्रों को 21 महीने की आर्टिकलशिप या ट्रेनिंग करनी होती है, जिससे उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है. इसके बाद CS Professional प्रोग्राम की परीक्षा पास करनी होती है जिसके बाद ट्रेनिंग पूरी करनी होती है. इसे करने में कम से कम छात्रों को 3 से 4 साल का समय लग सकता है. सैलरी की बात करें तो, CS की शुरुआती सैलरी 5–8 लाख रुपये सालाना हो सकती है.