भारत की एयरोस्पेस इंडस्ट्री में बड़ा विकास हो रहा है. हैदराबाद में हुए Wings India 2026 एयर शो के दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया. यह समझौता SJ-100 (सुखोई सुपरजेट-100) नाम के रीजनल पैसेंजर एयरक्राफ्ट को भारत में बनाने के लिए है.
SJ-100 क्या है?
SJ-100 एक छोटा-मध्यम दूरी का रीजनल जेट है, जो 95-103 यात्रियों को ले जा सकता है. यह दो इंजन वाला नैरो-बॉडी विमान है, जो छोटे शहरों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के बीच उड़ान भरने के लिए डिजाइन किया गया है. अब रूस ने इसे पूरी तरह इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूट (विदेशी पार्ट्स से मुक्त) बना दिया है.
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अब इसमें इंजन (Aviadvigatel PD-8), एवियोनिक्स, ब्रेक, सॉफ्टवेयर आदि सब रूसी हैं. यह सैंक्शंस-प्रूफ (पश्चिमी प्रतिबंधों से प्रभावित नहीं) है. इसलिए रूस के लिए निर्यात में आसान है. यह विमान छोटी दूरी (शॉर्ट-हॉल) की उड़ानों के लिए बेहतरीन है, जैसे दिल्ली-लखनऊ, मुंबई-पुणे आदि.

भारत-रूस का प्रोजेक्ट कैसे काम करेगा?
अक्टूबर 2025 में पहले MoU साइन हुआ था. जनवरी 2026 में Wings India में फाइनल एग्रीमेंट साइन हुआ. HAL को लाइसेंस मिलेगा SJ-100 बनाने, बेचने, पार्ट्स बनाने और मेंटेनेंस करने का.
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रणनीतिक महत्व क्या है?

अन्य बड़े डेवलपमेंट्स
इसके साथ ही भारत में कई ग्लोबल कंपनियां आ रही हैं...
यह सब दिखाता है कि भारत अब सिर्फ खरीदार नहीं, बल्कि एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है. SJ-100 इसकी शुरुआत है – भारत की सिविल एविएशन इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर.