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लेह एयर फोर्स स्टेशन में बना नया टैक्सी ट्रैक... सिविल उड़ानों को भी फायदा

लेह एयर फोर्स स्टेशन में 21 महीने में पैरेलल टैक्सी ट्रैक (PTT) बनाया गया है. 28 जनवरी 2026 को लद्दाख LG कविंदर गुप्ता ने उद्घाटन किया. यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, IAF की रेडीनेस बढ़ाएगा. इससे सिविल उड़ानों में भी फायदा होगा. पर्यटन को बूस्ट मिलेगा.

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लेह एयरबेस पर नए रनवे पर उतरा एयरफोर्स का विमान. (Photo: ITG)
लेह एयरबेस पर नए रनवे पर उतरा एयरफोर्स का विमान. (Photo: ITG)

लेह एयर फोर्स स्टेशन का सफर कमाल का रहा है. 1960 के दशक में यह सिर्फ एक धूल भरा छोटा एयरस्ट्रिप था, लेकिन आज यह दुनिया के सबसे ऊंचे और रणनीतिक एयरबेस में से एक है. मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) के इंजीनियर्स ने भयानक ठंड और कठिन ऊंचाई वाले इलाके में मात्र 21 महीने में समानांतर रनवे (या पैरेलल टैक्सी ट्रैक) का निर्माण पूरा किया है.  

28 जनवरी 2026 को उद्घाटन

28 जनवरी 2026 को लद्दाख के माननीय लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता ने लेह एयर फोर्स स्टेशन में पैरेलल टैक्सी ट्रैक (PTT) प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया. इस मौके पर वेस्टर्न एयर कमांड के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर एयर मार्शल जेएस मान भी मौजूद थे. यह प्रोजेक्ट लगभग 452 करोड़ रुपये की लागत से 2023 में शुरू हुआ था.रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ. 

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Leh Air Force Station

प्रोजेक्ट में क्या-क्या शामिल है?

यह पैरेलल टैक्सी ट्रैक प्रोजेक्ट में एक समानांतर टैक्सी ट्रैक, दो बड़े एयरक्राफ्ट डिस्पर्सल एरिया और पांच टैक्सी लिंक्स बनाए गए हैं. ये सब भारी एयरक्राफ्ट के ऑपरेशंस को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. यह नया ट्रैक जरूरत पड़ने पर मुख्य रनवे की तरह काम कर सकता है. इससे एयर ट्रैफिक का फ्लो बेहतर होगा. सुरक्षा बढ़ेगी और भविष्य में मुख्य रनवे की मरम्मत के दौरान भी उड़ानें जारी रह सकेंगी.

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रणनीतिक महत्व और IAF के लिए फायदा

लेह एयरबेस समुद्र तल से 11,000 फीट की ऊंचाई पर है. चीन बॉर्डर के करीब रणनीतिक जगह पर स्थित है. नया पैरेलल ट्रैक IAF की ऑपरेशनल रेडीनेस को बहुत मजबूत करेगा. इससे भारी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और फाइटर जेट्स की आवाजाही आसान होगी. आपात स्थिति या युद्ध में ऑपरेशंस बिना रुकावट जारी रहेंगे. यह हाई अल्टीट्यूड पर भारत की सैन्य ताकत बढ़ाने का बड़ा कदम है.

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Leh Air Force Station

सिविल एविएशन और पर्यटन को बूस्ट

यह विकास सिर्फ मिलिट्री के लिए नहीं, बल्कि सिविल उड़ानों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. नई सुविधाओं से एयरक्राफ्ट की ग्राउंड मूवमेंट आसान होगी. सिविल डिपार्चर तेज होंगे. पैसेंजर्स को कम इंतजार करना पड़ेगा. इससे लेह में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि ज्यादा फ्लाइट्स और बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटक आसानी से आएंगे. इससे लोकल लोगों को आर्थिक अवसर मिलेंगे और रोजगार बढ़ेगा. साथ ही, आपदा राहत (HADR) और इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी बेहतर तैयारी होगी.

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