गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सेना के बहादुर अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और जवानों को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण पुरस्कार देने की मंजूरी दी है. ये सम्मान विभिन्न सैन्य अभियानों में दिखाए गए अदम्य साहस, नेतृत्व और उत्कृष्ट सेवा के लिए दिए गए हैं. ये पुरस्कार देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने में सैनिकों के योगदान को सम्मानित करते हैं.
वीरता पुरस्कार
चक्र श्रेणी: 2 कीर्ति चक्र और 10 शौर्य चक्र दिए गए हैं, जिनमें 1 शौर्य चक्र मरणोपरांत है.
सेना मेडल (वीरता): 1 (दूसरी बार) और 44 सेना मेडल (वीरता) दिए गए, जिनमें 5 मरणोपरांत शामिल हैं.
ये पुरस्कार मुख्य रूप से आतंकवाद-रोधी अभियानों, सीमा पर गश्त, उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई और उच्च जोखिम वाले ऑपरेशनों में बहादुरी के लिए हैं.
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विशिष्ट सेवा पुरस्कार
राष्ट्रपति ने विशिष्ट सेवा के लिए भी कई पुरस्कार मंजूर किए...
इसके अलावा, ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, ऑपरेशन हिफाजत, ऑपरेशन ऑर्किड, ऑपरेशन मेघदूत जैसे विभिन्न अभियानों, बचाव कार्यों और हताहत निकासी में योगदान के लिए 81 मेंशन-इन-डिस्पैच दिए गए हैं.
कीर्ति चक्र
मेजर अर्शदीप सिंह (1 असम राइफल्स): 14 मई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा पर विशेष गश्त के दौरान अचानक हमले में घने जंगल में दुश्मन ठिकाने पर साहसिक हमला किया. भारी गोलीबारी के बावजूद कई उग्रवादियों को निष्क्रिय किया. अपनी टीम को सुरक्षित निकाला.
नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा (पैरा स्पेशल फोर्सेस): 11 अप्रैल 2025 को किश्तवाड़ जंगलों में आतंकवाद-रोधी अभियान में भारी फायर के बीच आगे बढ़े, एक विदेशी आतंकवादी को नजदीक से मार गिराया. दूसरे को भी निष्क्रिय किया. उनका धैर्य और साहस कमाल का था.
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शौर्य चक्र
लेफ्टिनेंट कर्नल घटगे आदित्य श्रीकुमार (पैरा स्पेशल फोर्सेस): 11-13 जुलाई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा पर अभियान की योजना बनाकर मजबूत उग्रवादी शिविर नष्ट किया, 9 आतंकवादी मारे गए.
मेजर अंशुल बलटू (32 असम राइफल्स): 29 अप्रैल 2025 को असम के दीमा हसाओ में मुठभेड़ में व्यक्तिगत साहस से एक उग्रवादी को ढेर किया, कुल तीन मारे गए.
मेजर शिवकांत यादव (पैरा स्पेशल फोर्सेस): 12-13 मई 2025 को शोपियां में आतंकवादियों का पीछा कर खतरनाक आतंकवादी को नजदीकी मुकाबले में मार गिराया.
मेजर विवेक (42 राष्ट्रीय राइफल्स): 15 मई 2025 को पुलवामा में तलाशी अभियान में नागरिकों की सुरक्षा करते हुए 'ए+ श्रेणी' के आतंकवादी को मार गिराया.
मेजर लैशांगथेम दीपक सिंह (पैरा स्पेशल फोर्सेस): अपहृत नागरिकों को छुड़ाने के उच्च जोखिम वाले अभियान में आतंकवादियों को निष्क्रिय कर एक निर्दोष को बचाया.
कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर (पैरा स्पेशल फोर्सेस): 21 जुलाई 2025 को उधमपुर के बसंतगढ़ में जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात आतंकवादी को मार गिराया.
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सूबेदार पी.एच. मोसेस (1 असम राइफल्स): 14 मई 2025 को भारी गोलीबारी में बेहतर मोर्चा संभाला और कई आतंकवादियों को निष्क्रिय किया.
लांस दफादार बलदेव चंद (42 राष्ट्रीय राइफल्स) – मरणोपरांत: 19 सितंबर 2025 को किश्तवाड़ में लड़ाई में गंभीर घायल होने के बावजूद अंत तक लड़े और सर्वोच्च बलिदान दिया.
राइफलमैन मंगलेम सांग वैफेई (3 असम राइफल्स): 9 जून 2025 को मणिपुर में घुसपैठ-रोधी अभियान में तीन उग्रवादियों को मारकर टीम को सुरक्षित रखा.
राइफलमैन धुर्बा ज्योति दत्ता (33 असम राइफल्स): 19 सितंबर 2025 को बाढ़ राहत से लौटते समय हमले में घायल होकर भी वाहन को खतरे से निकालकर आठ साथियों की जान बचाई.
ये पुरस्कार भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी और समर्पण को दिखाते हैं. गणतंत्र दिवस 2026 पर ये सम्मान देश को गर्व महसूस कराते हैं. सैनिकों को प्रेरित करते हैं. पूरा देश इन वीरों को सलाम करता है.