चीन के पास एक ऑटोमेटेड क्रूज मिसाइल फैक्ट्री है. जो एक दिन में 1000 से ज्यादा मिसाइलें बना सकती है. चीनी मीडिया संस्थान CCTV का दावा है कि अगर तीनों शिफ्ट में काम किया जाए तो इतनी मिसाइलें बनाना संभव है. इसका वीडियो भी जारी किया गया है. जिसमें एक्सपर्ट्स के हवाले से इसकी खासियतों के बारे में बताया है.
यहां नीचे देखिए इस फैक्ट्री का Video...
अगर चीन के साथ किसी देश का लंबे समय तक युद्ध होता है, तो इसमें कोई शक नहीं कि चीन अपनी इस फैक्ट्री से हर रोज 1000 से ज्यादा मिसाइलें पैदा करेगा. इससे दुश्मन की हालत खराब हो जाएगी. अगले कुछ वर्षों में चीन के पास सबसे बड़ी मिसाइल फोर्स होगी. जो इसे किसी भी ताकतवर देश का सामना करने लायक बना देगी.
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चीन लगातार अपनी क्रूज मिसाइल क्षमता को बढ़ाने में लगा है. इस तरह का फैक्ट्री उसकी ताकत को कई गुना बढ़ा देंगी. अगर जंग के दौरान एंटी-एक्सेस/एंटी-डिनायल (A2/AD) मामले हों तो चीन इस फैक्ट्री से निकलने वाली मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमला कर सकता है. आइए जानते हैं कि चीन का फोकस किधर है.

चीन के क्रूज मिसाइल प्रोग्राम की खास बात...
चीन लगातार एंटी-शिप क्रूज मिसाइल (ASCM) और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल (LACM) विकसित करने में लगा है. उसके पास इन दोनों कैटेगरी की कई मिसाइलें हैं भी. इन सबको जमीन, हवा और पानी कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है. यानी चीन अपनी किसी भी मिसाइल से आसपास के देशों को तबाह करने की क्षमता रखता है.
चीन के पास दो प्रमुख क्रूज मिसाइल कैटेगरी है- वाईजे सीरीज. ये एडवांस्ड एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों की सीरीज हैं, जिनके गाइडेंस सिस्टम को बेइंतहा सुधारा गया है. इसके बाद है डीएच-10. इस सीरीज में सबसोनिक गति से चलने वाली लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलें हैं, जिनकी रेंज 1500 किलोमीटर से ज्यादा है.
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कहां इस्तेमाल हो सकती हैं ये मिसाइलें...
चीन अगर अपनी क्रूज मिसाइलों का सबसे बड़ा इस्तेमाल फिलहाल कहीं कर सकता है तो वो है ताइवान. क्योंकि पिछले दो साल से चीन लगातार प्रयास कर रहा है कि वह ताइवान पर कब्जा कर ले. कई बार ताइवान की हवाई और समुद्री सीमा में घुसपैठ कर चुका है. अब भी माहौल तनावग्रस्त है.
Xi Jinping called for enhancing the capabilities of China’s missile forces
— Indo-Pacific News - Geo-Politics & Defense (@IndoPac_Info)
Chinese President Xi Jinping stated the need to improve the actual combat capabilities of the People’s Liberation Army Rocket Force (PLARF), according to China Central Television.
During a visit to the…
इसके अलावा चीन जब चाहे तब अमेरिका का साथ देने वाले देशों को भी निशाना बना सकता है. हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के रॉकेट फोर्स से मुलाकात की थी. यह यूनिट चीन के न्यूक्लियर और गैर-परमाणु मिसाइलों को देखने वाली एलीट टीम है. जिनपिंग ने इन्हें हर हाल में जंग के लिए तैयार रहने को कहा है. इस फोर्स के पास कई लंबी दूरी की मिसाइलें हैं. जो दुश्मन पर घातक हमला कर सकती हैं.