कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे अब तक गिरफ्त से बाहर है. इस बीच आजतक को विकास दुबे का 2017 का एक वीडियो मिला है. ये वीडियो एक मामले में STF के पूछताछ का है. ये पूछताछ जिला पंचायत मीटिंग में मारपीट को लेकर हुई थी. वीडियो में विकास दुबे के साथ संबंधों को लेकर बिल्हौर से विधायक भगवती सागर की चर्चा भी सामने आई है.
बीजेपी विधायक भगवती सागर ने विकास दुबे के साथ अपने रिश्तों की चर्चा को खारिज किया है. 'आजतक' से बातचीत में विधायक भगवती सागर ने कहा कि विकास दुबे बड़ा अपराधी है. वह अपने बचाव के लिए सत्ता पक्ष के किसी भी नेता या जनप्रतिनिधि का नाम ले सकता है.
भगवती सागर ने कहा, 'विकास दुबे ने चुनाव में जितना मेरा नुकसान करना था वो कर चुका है. विकास दुबे ने मेरे प्रतिद्वंदी कमलेश दिवाकर का खुलकर समर्थन किया था. चुनाव प्रचार के अंतिम समय में अभिनेत्री भाग्य श्री को बुलाया गया था. विकास दुबे ने रथयात्रा में शामिल होकर लोगों को भयभीत करने की कोशिश की थी. ये दुर्दांत अपराधी है इसलिए इसने संदेश दिया था कि हम बसपा के साथ हैं. हम कमलेश दिवाकर के साथ हैं. विकास दुबे ने अपने बिकरू गांव और आसपास के लोगों को धमकाया और जितना नुकसान कर सकता है इसने किया. मेरे पक्ष में वोट डालने वालों को डराया. मेरा काफी नुकसान किया.'
भगवती सागर ने कहा, 'मैंने कभी भी इसका (विकास दुबे) का पक्ष नहीं लिया है. यह वैज्ञानिक युग है. कॉल डिटेल्स निकाल ली जाए, पता चल जाएगा. देश और प्रदेश में जितने अधिकारी हैं उनसे भी पूछा जा सकता है कि क्या मैंने कभी विकास दुबे का पक्ष लिया? इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.'
असल में, वीडियो में विकास दुबे भगवती प्रसाद सागर का नाम ले रहा है. इस सवाल पर भगवती सागर ने कहा कि वो बड़ा अपराधी है. फर्जी आदमी है वो किसी का भी नाम ले सकता है. भगवती सागर ने कहा कि विकास दुबे ने STF को गलत बयान दिया. अगर ऐसी कोई बात होती तो एसटीएफ को मुझसे बात करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि जिसने मेरा चुनाव में इतना बड़ा नुकसान किया हो उसका समर्थन मैं कैसे कर सकता हूं.
एसटीएफ की जांच पर सवाल खड़ा करने की बात पर भगवती सागर ने कहा कि मैं किसी की जांच पर सवाल खड़ा नहीं कर रहा हूं. बस मैंने उसके फेवर में कभी कोई बात नहीं कही है.
बता दें कि बीते गुरुवार की रात को कानपुर देहात के बिकरू गांव में विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम छापेमारी करने गई थी. इस टीम की अगुवाई क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा कर रहे थे. जैसे ही टीम विकास दुबे के घर के बाहर पहुंची, वहां जेसीबी मशीन खड़ी थी. इस वजह से पुलिस टीम को घर से कुछ दूर पहले अपनी गाड़ी को छोड़ना पड़ा.
जैसे ही पुलिस टीम गाड़ी से उतरकर विकास दुबे के घर की ओर बढ़ी, पहले से घात लगाए बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, तब तक कई घायल हो चुके थे. इस शूटआउट में सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. इस घटना के बाद से विकास दुबे फरार है.