उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पांच केसों को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है. साथ ही सभी मामलों की सुनवाई 45 दिन में पूरा करने का आदेश दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मामले की रोजाना सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सीआरपीएफ सुरक्षा देने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया है कि पीड़िता को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पीड़ित परिवार को यह राशि तुरंत मुहैया कराई जाए. इस केस में अगर किसी को और कोई शिकायत हो तो उसकी सुनवाई भी सुप्रीम कोर्ट खुद करेगा.
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सीआरपीएफ बरेली की टीम करेगी. साथ ही पीड़िता के वकील को भी सीआरपीएफ की सुरक्षा दी जाएगी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सीआरपीएफ रिपोर्ट सौंपेगी.
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सवाल पूछा कि क्यों पीड़िता के चाचा जेल में हैं? परिवार की ओर से वकील ने कहा कि उन्हें 2001 के एक मामले में उन्हें दोषी पाया गया है इसलिए इस साल जुलाई में उन्हें सजा दी गई. उनकी याचिका अभी लंबित है. वे रायबरेली जेल में हैं.
चीफ जस्टिस ने यूपी सरकार से पीड़िता के चाचा के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि अगर वे रायबरेली जेल से दूसरी जगह अपना ट्रांसफर कराना चाहते हैं या नहीं. अगर चाहते हैं, तो उनका ट्रांसफर किया जाए.
उन्नाव रेप और पीड़िता के साथ एक्सीडेंट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज दो बार सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सभी केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है. इसके अलावा अदालत ने आदेश दिया है कि पीड़िता के एक्सीडेंट की जांच सीबीआई एक हफ्ते में पूरी करे.
सुबह जब सुनवाई शुरू हुई तो अदालत ने सीबीआई अफसर को पेश होने को कहा, साथ ही पूरी स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा. जिसके बाद सीबीआई अफसर के सामने अदालत ने एक्सीडेंट की जांच को 7 दिन के अंदर पूरा करने का आदेश दिया.