आरोपी महिला को गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले 25 जनवरी को गिरफ्तार किया गया. बताया जाता है कि एक कंपनी के एचआर प्रोफेशनल ने इस महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महिला ने शिकायतकर्ता से सात लाख रुपये की मांग की. जब उसने देने से इनकार किया तो महिला रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी.
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धमकी से दबाव में आकर बदनामी के डर से उसने महिला को 45 हजार रुपये दे भी दिए, लेकिन वह इतने पर ही नहीं मानी. वह शेष 6.55 लाख रुपये की मांग को लेकर लगातार दबाव बनाती रही. इससे आजिज आकर एचआर प्रोफेशनल ने थाने पहुंचकर महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
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एचआर प्रोफेशनल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की तो कई तथ्य सामने आए. शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि शिकायत दर्ज कराने वाला एचआर कोई इकलौता व्यक्ति नहीं है जिससे महिला ने ब्लैकमेल कर पैसे मांगे हों. उसने कई अन्य एचआर फ्रोफेशनल्स को भी ब्लैकमेल कर न सिर्फ मोटी रकम की मांग की, बल्कि कई से दबाव बनाकर लेने में भी सफल रही.
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यह साफ होने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया. बताया जाता है कि आरोपी महिला पहले तो एचआर प्रोफेशनल्स से दोस्ती गांठती थी फिर कुछ दिनों के बाद उन्हें रेप का मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर ब्लैकमेल करना शुरू करती थी. उसने ऐसा कितने एचआर प्रोफेशनल्स के साथ किया है, पुलिस इसकी जांच कर रही है.