कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट दाखिल करने में बाधा पहुंचाने वाले 8 वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. वकीलों के खिलाफ सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया गया है.
इस बीच पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि मामले की सुनवाई राज्य से बाहर चंडीगढ़ में हो. पीड़ित के पिता की अपली पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ आज ही सुनवाई करेगी.
इस बीच मामले में मुख्य आरोपी सांझीराम की बेटी ने पिता के खिलाफ साजिश की बात कही है और मामले की CBI जांच की मांग की है. इससे पहले आज कठुआ के CJM कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई.
: Daughter of accused Sanji Ram alleges conspiracy in the , demands CBI probe
— ANI (@ANI)
आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान सभी आठ आरोपियों को पेश किया गया. वहीं पीड़िता के परिवार को डर है कि निचली अदालत में इस केस की ईमानदारी से सुनवाई नहीं होगी और उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा. इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है.
वकील को कठुआ में जान का खतरा
इस बीच पीड़ित परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहीं अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत ने कहा कि मामले की सुनवाई कठुआ की अदालत में होने पर उनकी जान को भी खतरा है.
Court directed that chargesheet copies should be provided to all accused, we are ready for narco tests. Next date of hearing is April 28: Ankur Sharma, Counsel for accused.
— ANI (@ANI)
कठुआ केस के मुख्य आरोपी सांझीराम ने कहा कि उसे साजिशन फंसाया जा रहा है. कठुआ कोर्ट में आज उसने नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की. उसने कहा कि इससे सही बातें निकलकर सामने आ जाएंगी.
दरअसल इस मामले में आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल की लड़की को जनवरी में एक सप्ताह तक कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था, इस दौरान उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी.