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इस्लामिक स्टेट खुरासान मॉड्यूल के सदस्य को NIA ने बेंगलुरु से किया गिरफ्तार

इस्लामिक स्टेट खुरासान मॉड्यूल के सदस्य अब्दुल रहमान को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

  • एनआईए ने अब्दुल रहमान को किया गिरफ्तार
  • मार्च 2020 में हुआ था आतंकी ग्रुप का खुलासा

इस्लामिक स्टेट खुरासान मॉड्यूल के सदस्य अब्दुल रहमान को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. मार्च 2020 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस आतंकी ग्रुप का खुलासा किया था. दिल्ली से जम्मू-कश्मीर के निवासी पति और पत्नी को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी.

खुरासान मॉड्यूल के अब तक दिल्ली और पुणे से भी दो-दो सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं. वहीं, इस ग्रुप के एक सदस्य को दिल्ली की तिहाड़ जेल से भी गिरफ्तार किया गया था. तिहाड़ जेल में पहले से बंद आतंकी अब्दुल्ला बाशित टेलीग्राम एप के जरिए जेल से ही आतंकियों के संपर्क में था. खुरासान मॉड्यूल की जांच में नाम आने पर स्पेशल सेल और बाद में एनआईए ने इसे तिहाड़ जेल से ही गिरफ्तार करने की कार्रवाई की थी.

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abdul_rahman_081820061634.jpgबेंगलुरु से गिरफ्तार अब्दुल रहमान

बताया जाता है कि ये सभी इस्लामिक स्टेट खुरासान मॉड्यूल की एक मैगजीन भी निकाल रहे थे, जिसका नाम वॉयस ऑफ इंडिया था. आजतक ने इस्लामिक स्टेट की मैगजीन के बारे में खुलासा किया था और बताया था कि इतनी गिरफ्तारियां होने के बावजूद आईएस की मैगजीन प्रकाशित हो रही है. यानी आईएस खुरासान मॉड्यूल का नेटवर्क काफी फैला हुआ है.

abdul_basi_081820061708.jpgतिहाड़ में बंद अब्दुल्ला बाशित

गौरतलब है कि आईएस खुरासान मॉड्यूल के आतंकी बाशित ने भी वॉयस ऑफ इंडिया मैगजीन के लिए कुछ कंटेंट दिए थे. अब तक देश के अलग-अलग इलाकों से इस नेटवर्क के सात आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इतनी गिरफ्तारियों के बावजूद यह भड़काऊ मैगजीन लगातार प्रकाशित हो रही है. एजेंसियां इसे ट्रैस भी कर रही हैं. बता दें कि इस मैगजीन में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भड़काने वाली सामग्री प्रकाशित होने के बाद इसका खुलासा हुआ था.

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