scorecardresearch
 

अन्‍ना हजारे को नरेंद्र मोदी ने लिखा प्रशंसा पत्र

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लिखे खुले पत्र में कहा कि जो व्यक्ति गुजरात की प्रशंसा करता है उसे तिरस्कार का शिकार बनाया जाता है.

Advertisement
X

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लिखे खुले पत्र में कहा कि जो व्यक्ति गुजरात की प्रशंसा करता है उसे तिरस्कार का शिकार बनाया जाता है.

मोदी ने अपने ब्लॉग में गुजरात की प्रशंसा के लिये हजारे को धन्यवाद देते हुए कहा कि अन्ना जी आप एक गांधीवादी और एक सिपाही हैं. रविवार को मैं केरल में था और आपकी ओर से मुझे और गुजरात के बारे में दिये आर्शीवाद के बारे में पता चला. मुझे इस बात का भय है कि आपको तिरस्कार का शिकार बनाया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात विरोधियों का एक समूह इस अवसर को सत्य के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को धूमिल करने के लिये इस्तेमाल कर सकता है. वे लोग आपके नाम को कलंकित करने के लिये प्रयास कर सकते हैं क्योंकि आपने मेरे और राज्य के बारे में अच्छा कहा है.

Advertisement

उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि जो लोग भी गुजरात की अच्छाई के बारे में बात करते हैं उन्हें तिरस्कार अभियान का शिकार बनाया जाता है. इससे पहले कम्युनिस्ट पार्टी के कन्नूर क्षेत्र से मुस्लिम सांसद पी अब्दुल्ला कुट्टी को गुजरात के विकास की प्रशंसा करने पर पार्टी से निकाल दिया गया था.{mospagebreak}

मोदी ने कहा कि इसी तरह सुपरस्टार अमिताभ बच्चन द्वारा गुजरात पर्यटन का मुफ्त में प्रचार करने पर उन्हें निशाना बनाया गया. इसके अलावा गुजरात के मौलाना और दारूल उलूम देवबंद के कुलपति बनाये गये गुलाम वस्तानवी को राज्य के विकास की प्रशंसा करने पर दुष्प्रचार का शिकार बनाया गया था.

मोदी ने कहा कि हाल ही में भारतीय सेना के मेजर जनरल आई एस सिन्हा को भी गुजरात की प्रशंसा करने पर निशाना बनाया गया. उनके अलावा अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई.

उन्होंने कहा कि जब भी गुजरात के विकास की प्रशंसा की जाती है तब इन शक्तियों को जलन होने लगती है और वे झूठा प्रचार करने में जुट जाती हैं.

मोदी ने कहा कि अन्ना जी गुजरात के छह करोड़ लोग यह नहीं चाहते हैं कि यह समूह आपको दुखी करे. मुझे अभी इस बात का भय है कि यह विरोधी गुट आपको समस्या में डाल सकता है.

Advertisement

उन्होंने कहा कि इस मौके पर मैं आपसे कहना चाहूंगा कि मैं एक साधारण परिवार से आता हूं और आम इंसान हूं. मेरे परिवार से कोई भी राजनीति से जुड़ा नहीं है. मुझे इस बात का भ्रम नहीं है कि मैं एक ‘संपूर्ण’ इंसान हूं. एक आम आदमी की तरह मेरी भी सीमायें हैं और अच्छे तथा बुरे गुण हैं.

गौरतलब है कि जनता की शक्ति की पुरजोर वकालत करते हुए विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार को कहा था कि ग्राम सुधार के क्षेत्र में गुजरात और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने जो कार्य किये हैं वे अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के लिए भी अनुकरणीय हैं.

Advertisement
Advertisement