scorecardresearch
 

लखनऊ गोलीकांडः क्या कहती है पुलिस की FIR, जानिए पूरी कहानी- SI राधेश्याम की जुबानी

लखनऊ पुलिस ने महज कुछ घंटों में इस कहानी के सारे पत्ते खोल दिए. मामला खुलकर पुलिस के सामने आ गए. तफ्तीश और सबूत के आधार पर पुलिस ने सांसद के बेटे आयुष की साजिश का पर्दाफाश कर दिया. आयुष के साले आदर्श ने सारी कहानी लफ्ज बा लफ्ज पुलिस के सामने अपनी जुबान से बयां की.

X
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने खुद आयुष किशोर की साजिश को बेपर्दा किया पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने खुद आयुष किशोर की साजिश को बेपर्दा किया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पुलिस ने की सांसद पुत्र आयुष की साजिश बेनकाब
  • मौके पर सबसे पहले पहुंचे थे एसआई राधेश्याम मौर्या
  • एसआई मौर्या ने ही दर्ज कराई मामले की एफआईआर

लखनऊ के मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र के बीजेपी सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष की खौफनाक साजिश का खुलासा चंद घंटों में हो गया. सांसद पुत्र ने एक बड़ी साजिश रची थी. वो भी कुछ लोगों को कानून के शिकंजे में फंसाने की. इस खौफनाक साजिश में उसने अपने साले आदर्श सिंह को भागीदार बनाया. किसी फिल्म की तरह एक कहानी गढ़ी. उसी कहानी को हकीकत में बदलने के लिए आधी रात के वक्त गोली चलवाई. वो भी किसी और पर नहीं बल्कि खुद अपने ऊपर. गोली चलाने वाला था आयुष की पत्नी की भाई आदर्श. सबकुछ ठीक चल रहा था. लेकिन पुलिस जांच में मामला फंस गया. 

पुलिस ने महज कुछ घंटों में इस कहानी के सारे पत्ते खोल दिए. मामला खुलकर पुलिस के सामने आ गए. तफ्तीश और सबूत के आधार पर पुलिस ने सांसद के बेटे आयुष की साजिश का पर्दाफाश कर दिया. आयुष के साले आदर्श ने सारी कहानी लफ्ज बा लफ्ज पुलिस के सामने अपनी जुबान से बयां की. उसने साजिश का खुलासा करते हुए उन लोगों के नाम भी पुलिस को बताए, जिन्हें फंसाने के लिए आयुष अपनी जान पर खेल गया. 

हैरानी इस बात की थी कि सांसद कौशल किशोर ने इस मामले पर अपनी बात तो मीडिया के सामने रखी, लेकिन कोई तहरीर थाने में नहीं दी. कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई. जब असलियत खुलकर सामने आई तो उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि अगर आयुष ने ये सब किया है, तो गलत किया. घटना मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे की है. लेकिन बुधवार शाम तक भी इस मामले में कोई शिकायत पुलिस को नहीं मिली. लिहाजा पुलिस ने खुद मुकदमा दर्ज किया. 

पुलिस ने लखनऊ के मड़ियांव थाने में सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष और उसके साले आदर्श के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे संगीन आरोप के साथ केस दर्ज किया है. उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 505, 1बी, 120बी के तहत मुकदमा लिखा गया है. इस मामले में थाने के सब इंस्पेक्टर राधेश्याम मौर्या की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है. इस एफआईआर के मुताबिक पूरा घटना क्रम हम आपको बताने जा रहे हैं-

"दिनांक 03-03-2021 को उप निरीक्षक राधेश्याम मौर्या लखनऊ के चौ. छठामल क्षेत्र में रात के वक्त गश्त पर थे. रात के करीब 2 बजे थाने से उनके पास मोबाइल पर सूचना आई कि दूध मंडी के पीछे रास्ते में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने संसदीय क्षेत्र मोहनलालगंज, लखनऊ के वर्तमान सांसद कौशल किशोर के पुत्र आयुष किशोर को गोली मार दी है. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस सूचना पर एसआई मौर्या अपने साथ कांस्टेबल राजवीर यादव को लेकर कमलाबाद बढ़ौली क्षेत्र में मौक पर पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला.

 जिससे नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम आयुष किशोर पुत्र कौशल किशोर निवासी दुबग्गा थाना काकोरी, जनपद लखनऊ बताया और  कहा कि उसे तीन अज्ञात काली कार सवार लोगों ने गोली मारी है और वे मौके से फरार हो गए हैं. घायल आयुष किशोर को तत्काल पुलिस वाहन से पुलिसकर्मियों की मदद से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. घायल आयुष के परिजनों और वरिष्ठ अधिकारियों को फोन पर घटना से अवगत कराया गया. 

आयुष के परिजनों के ट्रॉमासेंटर पहुंच जाने के बाद एसआई राधेश्याम मौर्या वापस मौका-ए-वारदात कमलाबाद बढ़ौली वापए आए और घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहनता से जांच की. दूसरे माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार आयुष किशोर ने अपने कुछ व्यावसायिक साथियों को फर्जी मुकदमें में फंसाने के उद्देश्य से अपने रिश्तेदार साले आदर्श सिंह पुत्र आशीष कुमार सिंह निवासी हुजूरपुर, बहराइच से अपने पास रखी नाजायज़ पिस्टल 32 बोर से खुद के ऊपर सफाई से साजिशन फायर करवाया और घायल हो गए. 

आयुष और आदर्श की पूर्व नियोजित योजना के अनुसार आदर्श सिंह ने 112 नंबर डायल कर सूचना दी और जनता में दहशत का माहौल पैदा किया. अतः इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए."
 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें