
गुजरात के वलसाड जिले में पुलिस ने एक ऐसे हाईप्रोफाइल चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और चोरी के अनोखे तरीके से सभी को हैरान कर दिया. यह गिरोह फॉर्च्यूनर जैसी महंगी कार में घूमकर पॉश इलाकों के आलीशान बंगलों को निशाना बनाता था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह के दो मुख्य आरोपी साली-जीजा हैं, जो खुद भी एक शानदार फार्महाउस में रहते थे.
वापी में हुई करोड़ों के जेवरात की चोरी के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस पूरे गैंग का खुलासा किया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है. वलसाड पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला वापी के जीआईडीसी इलाके के पॉश गुंजन क्षेत्र में स्थित एक अधिकारी के बंगले में हुई बड़ी चोरी से जुड़ा है.
चोरों ने बेहद शातिर तरीके से बंगले को निशाना बनाया. बताया गया कि आरोपी बंगले के पीछे मौजूद रसोई के दरवाजे को तोड़कर अंदर दाखिल हुए थे. इसके बाद वे सीधे बेडरूम तक पहुंचे और वहां रखी तिजोरी को निशाना बनाया. तिजोरी में रखे लाखों रुपये के सोने के आभूषण और कीमती सामान चोरी कर लिया गया. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. बंगले के मालिक की शिकायत पर जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी.

घटना की गंभीरता को देखते हुए वलसाड जिला पुलिस प्रमुख ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की. लोकल क्राइम ब्रांच यानी एलसीबी को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई. पुलिस ने सबसे पहले इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी सर्विलांस और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से पुलिस को एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार संदिग्ध दिखाई दी.
जांच में पता चला कि चोरी के वक्त यही कार इलाके में घूम रही थी. पुलिस ने कार की गतिविधियों और उसके रूट का विश्लेषण किया, जिसके बाद जांच का दायरा गुजरात से महाराष्ट्र तक पहुंच गया. धीरे-धीरे पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों के अहम सुराग मिलने लगे. डिप्टी एसपी बीएन दवे ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि चोरी करने वाला गिरोह महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद एक आलीशान फार्महाउस में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही वलसाड पुलिस की टीम ने नासिक पहुंचकर उस फार्महाउस पर छापा मारा.
उस फार्महाउस से पुलिस ने मुख्य आरोपी राजू कालमेघ और उसकी साली सोनिया पाटिल को गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 34 लाख रुपये का कीमती सामान भी बरामद किया. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी पिछले एक सप्ताह से वापी में रहकर इलाके की रेकी कर रहे थे. इसके बाद उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था.

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से चोरी करता था. आरोपी पहले पॉश कॉलोनियों और बड़े बंगलों की पहचान करते थे. इसके बाद कई दिनों तक इलाके की निगरानी और रेकी की जाती थी. जब उन्हें यकीन हो जाता था कि घर खाली है या सुरक्षा कम है, तभी चोरी की योजना को अंजाम दिया जाता था. गिरोह के सदस्य अपने साथ अत्याधुनिक औजार रखते थे, जिनकी मदद से वे कुछ ही मिनटों में दरवाजे और ताले तोड़ देते थे.
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह ने चोरी को पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से अंजाम देना शुरू कर दिया था. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी खुद बेहद आलीशान जिंदगी जीते थे. वे चोरी करने के लिए महंगी फॉर्च्यूनर कार का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो. आमतौर पर लोग लग्जरी कार में घूमने वालों को अपराधी नहीं समझते और इसी मनोविज्ञान का फायदा यह गिरोह उठाता था.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने फार्महाउस में शानो-शौकत से रहते थे. उनका रहन-सहन किसी बिजनेसमैन जैसा था. लेकिन असल में वे अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का हिस्सा बनकर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह सिर्फ गुजरात ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है.

फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राजू कालमेघ और सोनिया पाटिल के साथ इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं. जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही हैं. इसके अलावा पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अब तक इस गिरोह ने कितनी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है. कई अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि गिरोह के पुराने रिकॉर्ड सामने आ सकें.
वलसाड पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है. तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार निगरानी के जरिए पुलिस ने बेहद कम समय में आरोपियों तक पहुंच बनाई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते गिरोह को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो यह आगे भी कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे सकता था.
फिलहाल, दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. उम्मीद है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं. पुलिस जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करने का दावा कर रही है.