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बिहार में इंटरनेशनल मूर्ति तस्कर गिरफ्तार, हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बोधगया में कुछ मूर्ति तस्कर प्राचीन काल की चोरी की मूर्तियों की तस्करी के लिए जुटे हैं. पुलिस ने छापा मारा और इनके पास से 13 करोड़ रुपये से ज्यादा की मूर्तियां बरामद की हैं. पुलिस ने बताया कि ये तस्कर बोधगया राजगीर के अलावा बौद्ध सर्किट से मूर्तियों को चुराते थे.

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पुलिस ने पांच मूर्ति तस्करों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने पांच मूर्ति तस्करों को गिरफ्तार किया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मूर्तियों की खरीद-बिक्री करने के लिए जुटे
  • गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा
  • तस्करों ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

बिहार के गया में पुलिस ने ऐसे तस्करों को गिरफ्तार किया है. जिनका सीधा कनेक्शन विदेशों के मूर्ति तस्करों से है. बताया जा रहा है कि प्राचीन मूर्तियों के तस्करी के इस खेल में कई शातिर अपराधी शामिल हैं. पुलिस ने तस्करों के पास से अष्टधातु की बेशकीमती भगवान बुद्ध की मूर्ति और स्तूप को बरामद किया है. यह सभी तस्कर बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं. जो नेपाल के रास्ते विदेशों में इन मूर्तियों की तस्करी करते थे. 

बरामद मूर्तियां विदेशों में करोड़ों रुपये के मूल्य में बेची जाती थी. गया एसपी के मुताबिक कई मूर्तियों की कीमत 13 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जा रही है. पुलिस ने बताया कि ये तस्कर बोधगया राजगीर के अलावा बौद्ध सर्किट से मूर्तियों को चुराते थे. इसके अलावा खुदाई के दौरान मिलने वाली मूर्ति भी चुराया जाता था. एसपी के मुताबिक वजीरगंज के कुर्किहार से 2008 में चोरी गई प्राचीन अवलोकितेश्वर पद्मापानी की बुद्ध प्रतिमा चोरी कर ली गई. जिसे इटली में बेचा गया. इस मूर्ति की चर्चा प्रधानमंत्री ने मन की बात में की थी. अब ये मूर्ति भारत आने वाली है.

सिटी एसपी राकेश कुमार के मुताबिक पकड़े गए तस्करों की जड़ काफी मजबूत है. ये लोग नेपाल के रास्ते देश के विभिन्न हिस्सों से चोरी कर आई मूर्ति ठिकाने लगाते हैं. ये दूसरे देशों के साथ लगातार संपर्क में रहते थे. इनका सॉफ्ट कार्नर नेपाल के कुछ लोग बने हुए हैं. इनका एक सटीक नेटवर्क काम करता है. यहीं वजह है कि ये पकड़ में नहीं आते हैं.

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मूर्तियों को नेपाल पैदल भेजा जाता है. गया सहित बिहार के कई युवा इस नेटवर्क में शामिल हैं. क्योंकि मूर्ति चोरी में रिस्क कम होता है और आमदनी ज्यादा होती है. पुलिस इसे बड़ी सफलता मानकर चल रही है और पूरे बिहार से चोरी हुई मूर्तियों के बारे में पता लगा रही है. सिटी एसपी ने बताया कि पकड़े गये सभी तस्करों के आपराधिक इतिहास खंगाले जा रहे हैं.  गया संग्रहालय के अधिकारियों से संपर्क किया गया है. इन्होंने प्रथम द्रष्ट्या इन मूर्तियों के प्राचीन होने की पुष्टि की है. इनके पास से तीन मोबाइल व एक कार भी जब्त की गयी है. 

 

 

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