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इंजेक्शन या जहर? साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य गहराया, इन 3 रिपोर्ट से उठ जाएगा पर्दा

Sadhvi Prem Baisa Death Mystery: जोधपुर की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मामूली सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद घर पर लगाए गए इंजेक्शन और कुछ ही मिनटों में बिगड़ती हालत ने मामले को रहस्यमय बना दिया. अब पुलिस ने एसआईटी गठित कर जांच तेज कर दी है, लेकिन सच्चाई अब भी तीन रिपोर्ट के इंतजार में है.

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इस केस की जांच कर रही एसआईटी को पोस्टमार्टम, विसरा और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है. (File Photo: ITG)
इस केस की जांच कर रही एसआईटी को पोस्टमार्टम, विसरा और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है. (File Photo: ITG)

राजस्थान के जोधपुर की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक रहस्य बनती जा रही है. बुधवार को अचानक हुई उनकी मौत के बाद यह मामला अब कई गंभीर सवालों के घेरे में है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या साध्वी की मौत सामान्य बीमारी से हुई या इंजेक्शन के नाम पर उन्हें कोई जहरीला पदार्थ दिया गया.

बताया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को सर्दी, खांसी और हल्के बुखार की शिकायत थी. इसी दौरान घर पर ही एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही समय बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई. देवी सिंह राजपुरोहित नामक कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाया था, उससे पुलिस पूछताछ कर चुकी है.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी का गठन कर दिया है. जोधपुर की एसीपी छवि शर्मा के मुताबिक, मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल इस केस में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है. पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है. साध्वी की मौत के बाद पोस्टमार्टम तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं आई है. वहीं साध्वी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है. 

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पुलिस का कहना है कि इन दोनों रिपोर्ट के आधार पर ही मौत की असली वजह साफ होगी. इस मामले में एक सवाल 'अग्निपरीक्षा' को लेकर उठ रहा है. एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुई थी, जिसके बाद साध्वी प्रेम बाईसा ने 'अग्निपरीक्षा' की बात कही थी. पुलिस यह भी समझने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस विवाद और दबाव का उनकी मौत से कोई संबंध है.

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि साध्वी को मामूली जुकाम-बुखार था, जिसमें आमतौर पर पैरासिटामॉल जैसी दवाएं दी जाती हैं. लेकिन इसके बावजूद उन्हें इंजेक्शन क्यों लगाया गया, यह जांच का अहम बिंदु है. खासतौर पर उस इंजेक्शन को लेकर सवाल हैं, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ी.

साध्वी प्रेम बाईसा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी लगातार धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त थी और तबीयत खराब होने के बावजूद मंच पर जाती रही. उनका कहना है कि इंजेक्शन लगने के 30 सेकेंड के भीतर ही हालत नाजुक हो गई थी. एक और विवाद तब खड़ा हुआ, जब साध्वी के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई. 

यह पोस्ट उनकी मौत के करीब चार घंटे बाद डाली गई थी, जिसमें लिखा था कि जीते जी नहीं तो जाने के बाद न्याय मिलेगा. इसके बाद में बताया गया कि यह पोस्ट उनके पिता ने डाली थी. इसके बाद यह सवाल और गहरा गया कि आखिर किस इंसाफ की बात की जा रही थी. पुलिस ने इस मामले में आश्रम को भी सील कर दिया है.

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लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है. एसआईटी की जांच का पहला फोकस साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर की भूमिका पर है. इसके साथ ही उस अस्पताल की भी जांच की जा रही है, जहां उन्हें अंतिम समय में ले जाया गया था. फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अपने पीछे कई अनसुलझे सवाल छोड़ गई है. 

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