Pune LCB Drug Bust: महाराष्ट्र के पुणे में एक बड़ी पुलिस कार्रवाई के दौरान नशे के अवैध कारोबार का राज बेनकाब हो गया. पुणे के ग्रामीण इलाके से करीब 20 करोड़ रुपये की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स जब्त की गई. इस मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. शुरुआती जांच में ही संकेत मिल गए थे कि मामला सिर्फ बाहरी तस्करों तक सीमित नहीं है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह साफ हो गया कि इस रैकेट की जड़ें पुलिस सिस्टम तक फैली हुई हैं.
वर्दी वाला कर रहा था तस्करी
20 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन ड्रग्स के इस मामले में शिरूर पुलिस और पुणे लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की संयुक्त टीम जांच कर रही थी. जांच में सामने आया कि जब्त की गई एमडी ड्रग्स को अवैध रूप से बेचने में खुद एक पुलिसकर्मी शामिल था. आरोपी की पहचान श्यामसुंदर गुजर के रूप में हुई है, जो अहिल्यानगर जिले की लोकल क्राइम ब्रांच में पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात था. वह नेप्टी गांव का रहने वाला है और केंद्रीय जब्त माल भंडारण केंद्र में ‘मुद्देमाल क्लर्क’ के तौर पर काम कर रहा था. इसी पद का फायदा उठाकर उसने जब्त नशीले पदार्थों की चोरी की और उन्हें ड्रग नेटवर्क तक पहुंचा दिया.
ऐसे हुई पहली गिरफ्तारी
इस पूरे मामले का खुलासा 17 जनवरी की तड़के हुआ, जब शिरूर पुलिस ने बाबूराव नगर इलाके में छापा मारा. इस दौरान शबाज शेख नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से करीब 2.10 करोड़ रुपये कीमत की एमडी ड्रग्स बरामद की गई. गिरफ्तारी के बाद जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कई अहम जानकारियां दीं. इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस को बड़े नेटवर्क का सुराग मिला.
बयान से मिली अहम जानकारी
शबाज शेख के बयान के बाद पुणे LCB और शिरूर पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई शुरू की. पूछताछ में उसने बताया कि ड्रग्स की एक बड़ी खेप पुणे–अहिल्यानगर सीमा के पास मौजूद कुरुंद गांव में छिपाई गई है. इसके बाद पुलिस टीमों ने वहां छापा मारा. इस रेड में करीब 10 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सारी ड्रग्स की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है.
जब्त ड्रग्स के मामले में चौंकाने वाला खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकर हैरानी हुई कि बरामद एमडी ड्रग्स कोई नई खेप नहीं थी. यह वही नशीले पदार्थ थे, जिन्हें पहले अहिल्यानगर पुलिस ने एक एंटी-ड्रग ऑपरेशन के तहत जब्त किया था. इन ड्रग्स को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी श्यामसुंदर गुजर पर ही थी. चूंकि वह मुद्देमाल क्लर्क था, इसलिए उसे स्टोरेज की पूरी जानकारी थी. इसी जानकारी का उसने गलत इस्तेमाल किया.
10.5 किलोग्राम ड्रग्स की हेराफेरी
पुलिस जांच में सामने आया कि श्यामसुंदर गुजर ने करीब 10.5 किलो एमडी ड्रग्स की हेराफेरी की. उसने चरणबद्ध तरीके से इन नशीले पदार्थों को स्टोरेज से बाहर निकाला. पहले यह काम बेहद गोपनीय तरीके से किया गया, ताकि किसी को शक न हो. बाद में इन्हें अलग-अलग लोगों के जरिए बाजार तक पहुंचाया गया. यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था, लेकिन अब पुलिस की सख्ती के चलते सामने आ गया.
सप्लाई चेन चलती रही
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गुजर ने शुरुआत में एक किलो एमडी ड्रग्स ऋषिकेश चित्तर को दी. इसके बाद यह खेप मौली शिंदे तक पहुंची. मौली शिंदे, जो परनेर तालुका के कोहकड़ी गांव का निवासी है, इस सप्लाई चेन का अहम हिस्सा था. बाद में यही ड्रग्स शबाज शेख तक पहुंचाई गई. इस तरह एक-एक कड़ी जुड़ती चली गई और पूरा नेटवर्क तैयार हो गया.
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में मौली शिंदे को भी गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी के बाद इस केस में आरोपियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है. पुलिस का मानना है कि मौली शिंदे ड्रग्स की सप्लाई और डिलीवरी में अहम भूमिका निभा रहा था. उसकी गिरफ्तारी से नेटवर्क की कई और परतें खुलने की उम्मीद है. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हैं.
पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा
पूरा मामला तब पूरी तरह उजागर हुआ, जब पुणे ग्रामीण पुलिस ने ऋषिकेश चित्तर को हिरासत में लेकर पूछताछ की. उसकी जानकारी ने पुलिस को अंदरूनी साजिश तक पहुंचा दिया. इसके बाद श्यामसुंदर गुजर की भूमिका पर शक गहराया. जांच में मिले सबूतों ने साफ कर दिया कि ड्रग्स की चोरी और बिक्री उसी के इशारे पर हो रही थी. यह पुलिस महकमे के लिए बेहद गंभीर मामला बन गया.
वरिष्ठ अधिकारी ने की पुष्टि
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रमेश चोपड़े ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि श्यामसुंदर गुजर अहिल्यानगर पुलिस के केंद्रीय स्टोरेज में तैनात था. उन्होंने कहा कि गुजर को अच्छी तरह पता था कि जब्त नशीले पदार्थ कहां रखे गए हैं. इसी जानकारी के आधार पर उसने उन्हें चुपचाप बेचने की कोशिश की. अहिल्यानगर पुलिस को इस मामले की सूचना दे दी गई है और आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी की गई है.