scorecardresearch
 

युद्ध के बीच LPG की किल्लत, देशभर में कालाबाजारी-हंगामा, 1.26 करोड़ की गैस चोरी का भंडाफोड़

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच भारत में LPG संकट गहरा गया है. कई शहरों में गैस की किल्लत बनी हुई है. लगातार कालाबाजारी की खबरें आ रही हैं. इस परेशानी को लेकर विरोध प्रदर्शन भी रहे हैं. इसी दौरान 1.26 करोड़ की गैस चोरी का बड़ा खुलासा भी हुआ है. पढ़ें पूरी कहानी.

Advertisement
X
दिल्ली में पुलिस ने जमाखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है (फोटो-ITG)
दिल्ली में पुलिस ने जमाखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है (फोटो-ITG)

LPG Crisis in India: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी साफ दिखने लगा है. इस वैश्विक तनाव के कारण एलपीजी गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है. देश के अलग-अलग हिस्सों से गैस की किल्लत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. लोग सिलेंडर बुक करने के बावजूद गैस नहीं मिलने से परेशान हैं. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई जगहों पर लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी और जमाखोरी का खेल भी तेजी से बढ़ रहा है.

सरकार और प्रशासन लगातार दावा कर रहे हैं कि गैस सप्लाई सामान्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है. आम लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है. कई जगहों पर एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. लोगों का कहना है कि बुकिंग के बाद भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. इससे आम आदमी की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है.

- महाराष्ट्र 
छत्रपति संभाजीनगर से एलपीजी गैस चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है. जहां अन्न एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सतर्कता टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैस चोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से गैस चोरी कर कालाबाजारी कर रहा था.

Advertisement

इस ऑपरेशन को नियंत्रक शिधावाटप श्री चंद्रकांत डांगे के निर्देश पर अंजाम दिया गया. टीम ने श्री गणेश बेल्लाळे के मार्गदर्शन में छापा मारा. यह छापा वैजापुर रोड स्थित मौजा खोजेवाड़ी शिवार में होटल साईयश के पास डाला गया. यह इलाका तालुका गंगापुर के अंतर्गत आता है. छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी.

रेड के दौरान अधिकारियों ने दो लोगों को रंगे हाथों गैस चोरी करते हुए पकड़ा. ये आरोपी एलपीजी टैंकर की सील तोड़कर गैस निकाल रहे थे. मौके पर ही दोनों को हिरासत में ले लिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि यह काम बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था.

जांच के दौरान मौके से एचपी कंपनी के दो एलपीजी टैंकर बरामद किए गए. इनमें से एक टैंकर MH43 K 5921 में 17,590 किलोग्राम गैस भरी हुई थी. वहीं दूसरे टैंकर MH 43 CK 5747 में 17,630 किलोग्राम गैस पाई गई. इतनी बड़ी मात्रा में गैस का मिलना इस गिरोह के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है.

इसके अलावा मौके से कई घरेलू और छोटे सिलेंडर भी बरामद किए गए. 19.2 किलो के 17 भरे और 6 खाली सिलेंडर मिले. वहीं 14.2 किलो का एक भरा सिलेंडर और 5 किलो के दो भरे सिलेंडर भी जब्त किए गए. यह सब मिलाकर एक बड़ा स्टॉक तैयार किया जा रहा था. कुल मिलाकर 35,220 किलोग्राम एलपीजी गैस, 2 टैंकर और 26 सिलेंडर जब्त किए गए हैं. इनकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ 26 लाख रुपये आंकी गई है. 

Advertisement

अधिकारियों का कहना है कि इतनी गैस से करीब 2,480 परिवारों की जरूरतें पूरी हो सकती थीं. इस मामले में MIDC वालुज पुलिस थाना में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

- पंजाब 
फरीदकोट में गैस की किल्लत ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया. सादिक इलाके में घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर लोगों ने सड़क जाम कर दी. यह लगातार दूसरा दिन था जब लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. पहले दिन गुरुहरसहाय रोड पर जाम लगाया गया था, जिसे प्रशासन के समझाने के बाद हटा दिया गया. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि गैस एजेंसी के सामने ही पर्ची काटकर सिलेंडर दिए जाएंगे. लेकिन अगले दिन भी हालात नहीं सुधरे.

सुबह से ही लोग गैस एजेंसी के बाहर जमा होने लगे थे. सुबह 10 बजे से शाम तक एजेंसी खुली रही, लेकिन किसी को गैस नहीं मिली. कर्मचारियों ने फोन भी नहीं उठाए, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. आखिरकार लोगों ने फरीदकोट रोड पर जाम लगा दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभाला और ट्रैफिक को डायवर्ट किया. लोगों को समझाकर देर शाम जाम खुलवाया गया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि गैस वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से अव्यवस्थित है और उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही.

Advertisement

- उत्तर प्रदेश
राजधानी लखनऊ में भी कालाबाजारी का खेल खुलकर सामने आया है. जांच में पाया गया कि 4 लीटर वाला छोटा सिलेंडर, जो पहले 400 रुपये में भर जाता था, अब 1200 से 1400 रुपये में बेचा जा रहा है. छुपे कैमरे में दुकानदारों की सच्चाई सामने आ गई. दुकानदार खुलेआम कह रहे थे कि जितने में मिल रहा है ले लो, आगे नहीं मिलेगा. हजरतगंज के नरही इलाके में धड़ल्ले से यह कारोबार चल रहा है. हालांकि सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है और अब तक 17,581 छापे, 222 एफआईआर और 17 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

गोरखपुर में भी गैस एजेंसी की मनमानी का मामला सामने आया. KYC के नाम पर ग्राहकों से जबरन गैस पाइप खरीदने के लिए 240 रुपये वसूले जा रहे थे. एक ग्राहक ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एजेंसी संचालक पवन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया. यह पूरा मामला दिखाता है कि गैस संकट के बीच कैसे आम लोगों का शोषण किया जा रहा है.

- दिल्ली 
साउथ-वेस्ट जिले में पुलिस ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पालम गांव इलाके में अवैध गैस रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया हैय. पालम विलेज थाना पुलिस की टीम ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनार सिंह, सत्यवीर और विकास कुमार के रूप में हुई है, जो अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक ये लोग घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध तरीके से स्टोर कर उनका गलत इस्तेमाल कर रहे थे. इस कार्रवाई से इलाके में चल रहे एक बड़े अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ है.

Advertisement

पुलिस को 28 मार्च 2026 की सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि पालम गांव की आदर्श गली के पास एक खाली प्लॉट में अवैध रूप से गैस सिलेंडर रखे गए हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक टेंपो खड़ा मिला और उसके अंदर व बाहर बड़ी संख्या में भारत गैस के सिलेंडर रखे थे. जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मौके पर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरी जा रही थी. यह काम नोजल और वजन मशीन की मदद से किया जा रहा था, जो पूरी तरह गैरकानूनी है और बड़ा खतरा भी पैदा कर सकता था.

पुलिस ने मौके से कुल 45 गैस सिलेंडर, तीन गैस ट्रांसफर नोजल, एक वेटिंग मशीन और एक टेंपो जब्त किया है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह प्लॉट किराए पर लिया था और यहीं से गैस की अवैध रिफिलिंग का काम करते थे. जांच में यह भी सामने आया कि यह गतिविधि ब्लू फ्लेम गैस सर्विस, जनकपुरी से जुड़े कर्मचारियों द्वारा की जा रही थी. इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

(आज तक ब्यूरो)

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement