नोएडा सेक्टर-22 में रहने वाले एक दंपति की दुनिया चंद घंटों में बदल गई. नोएडा में दो पति-पत्नी 3 साल से रह रहे थे. कुछ दिन पहले पति को गले में खराश हुई. पहले तो शख्स ने इसे सामान्य समझ कर ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब परेशानी दूर नहीं हुई तो पति डॉक्टर के पास गया. लंबी जांच के बाद जो मेडिकल रिपोर्ट आई उसके बाद इस परिवार के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई. पति को कैंसर था और ये जानलेवा बीमारी लास्ट स्टेज तक पहुंच गई थी.
लेकिन इसके बाद जो हुआ वो और भी दिल दुखाने वाला और रुलाने वाला था. इस रिपोर्ट को देखकर पति-पत्नी बेहद टूट गए. मानो उनकी दुनिया ही उजड़ गई. इन दोनों ने खुदकुशी करने का खौफनाक फैसला ले लिया. फिर 29 अप्रैल को दोनों ने अपने घर में खुदकुशी कर ली. और ये सब हुआ मात्र चार दिनों में.
4 दिन में बदल गई जिंदगी
बताया जा रहा है कि अरुण सिंह नाम के ये व्यक्ति और उनकी पत्नी शशिकला सेक्टर-22 में किराये के मकान में रहते थे. अरुण सेक्टर-62 में लेनेलिस गियर फैक्ट्री में इंजीनियर थे. वह नोएडा में आठ साल से रह रहे थे. तीन साल पहले हुई शादी के बाद उनकी पत्नी भी साथ रहती थी. दोनों की कोई संतान नहीं है.
अरुण सिंह नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी में इंजीनियर था जबकि पत्नी घर संभालती थी. तीन साल पहले दोनों की शादी हुई थी. 25 अप्रैल को इनकी जांच रिपोर्ट आई और 29 अप्रैल को दोनों ने एक फंदे से पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली 24 पुलिस ने दोनों के शवों को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को सुसाइड नोट मिला जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा हुआ.
गले में खराश होने पर कराई थी जांच
एडीसीपी रणविजय ने बताया कि जांच में पता लगा कि कुछ दिन पहले अरुण के गले में खराश हुई थी. कई दिनों तक दिक्कत होने पर उन्होंने जांच कराई. उनके कई टेस्ट भी किए गए. 25 अप्रैल को अरुण रिपोर्ट लेकर आए, तो पता चला कि गले का कैंसर लास्ट स्टेज पर हैं. दोनों पति-पत्नी काफी दुखी हो गए. उनके दिमाग में कई बातें आने लगी. इन बातों को सोचकर वे डिप्रेशन में आ गए और सुसाइड करने का फैसला कर लिया.
पति-पत्नी ने शुक्रवार यानी 29 अप्रैल को घर के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें पत्नी ने लिखा था कि पति को गले का लास्ट स्टेज का कैंसर है जिसकी वजह से वह दोनों अपनी जान दे रहे हैं.
परिजनों को ऐसे मिली आत्महत्या की जानकारी
एडीसीपी रणविजय ने बताया कि अरुण के परिवार वालों ने हाल-चाल जानने के लिए फोन मिलाया था, लेकिन फोन नहीं उठा. इसके बाद उन्होंने कंपनी वालों को फोन किया तो पता लगा कि अरुण काम पर नहीं आए हैं. कई बार फोन मिलाने पर अरुण से बात नहीं हो सकी, तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई. बताए गए पते पर जब पुलिस पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. दरवाजा खोलकर जब पुलिस अंदर पहुंची तो दंपति के शव फंदे से लटके मिले.
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