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जासूसी के आरोप में वित्त मंत्रालय का कर्मचारी गिरफ्तार, दूसरे देशों को भेज रहा था सीक्रेट जानकारी

जासूसी के आरोप में वित्त मंत्रालय के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. बताया गया है कि ये आरोपी पैसों के बदले में दूसरे देशों को वित्त मंत्रालय से जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहा था. 

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जासूसी के आरोप में वित्त मंत्रालय का कर्मचारी गिरफ्तार (सांकेतिक-रॉयटर्स)
जासूसी के आरोप में वित्त मंत्रालय का कर्मचारी गिरफ्तार (सांकेतिक-रॉयटर्स)

जासूसी के आरोप में वित्त मंत्रालय के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. बताया गया है कि ये आरोपी पैसों के बदले में दूसरे देशों को वित्त मंत्रालय से जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहा था. आरोपी का नाम सुमित है जो वित्त मंत्रालय में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था. लेकिन काम के दौरान उसने खुद को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किया और पैसों के बदले वो सीक्रेट जानकारी दूसरे मुल्कों को दीं जो भारत के लिहाज से संवेदनशील रहीं.

क्या है ये पूरा मामला, पुलिस ने क्या बताया?

सुमित के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है. पुलिस के मुताबिक इसी फोन से वो जासूसी को अंजाम दे रहा था. इस केस में Official Secret Act के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. अब कितने समय से ये शख्स वित्त मंत्रालय के साथ काम कर रहा था, किस प्रकार की जानकारी इसने दूसरे मुल्कों को दी, इसकी तरफ से कौन-कौन से देश तक खुफिया जानकारी दी गई, अभी कुछ भी सामने नहीं आया है. मामला क्योंकि वित्त मंत्रालय से जुड़ा हुआ है, ऐसे में पुलिस भी विस्तृत जांच के बाद ही बयान जारी करना चाहती है.

Official Secret Act 1923 क्या है?

जानकारी के लिए बता दें कि Official Secret Act 1923 सरकारी कर्मचारियों और सामान्य नागरिकों पर लागू होता है. इस कानून के तहत जो भी शख्स जासूसी में शामिल होगा, देशद्रोह वाली गतिविधियों में सक्रिय रहेगा और ऐसे काम करेगा जो देश की अस्मिता को चोट पहुंचाए, तब Official Secret Act लागू होगा. बड़ी बात ये है कि इस कानून में ये कहीं भी स्पष्ट रूप से नहीं लिखा है कि 'सीक्रेट' क्या होता है. इस वजह से कई बार जब इस कानून के जरिए कोई कार्रवाई होती है तो विवाद भी देखने को मिल जाता है.

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