दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ऑपरेशन गैंग बस्ट (Operation Gang Bust) के तहत एक बड़े आतंकी और आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े मॉड्यूल को पकड़ा गया है. पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग शहरों से पकड़े गए हैं.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल दिल्ली समेत कई जगहों पर बड़ी साजिश रच रहा था. स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में थे.
बताया जा रहा है कि शहजाद भट्टी ने ISI के इशारे पर भारत में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई थी. जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड माध्यमों के जरिए एक-दूसरे से जुड़े हुए थे. पुलिस ने इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है. इन डिवाइस से मिले डेटा के आधार पर कई और नाम एजेंसियों के रडार पर आए हैं.
स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिल्ली में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे. इसके अलावा टारगेट किलिंग की साजिश का भी खुलासा हुआ है. पुलिस को शक है कि यह गैंग कुछ खास लोगों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को फंडिंग कहां से मिल रही थी और उनके संपर्क किन-किन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े थे.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क का मकसद देश में डर और अस्थिरता फैलाना था. इसी वजह से इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील केस माना जा रहा है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य गैंग्स और संदिग्ध लोगों पर भी लगातार कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.
फिलहाल, सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मॉड्यूल का नेटवर्क देश के किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा.
यह ऑपरेशन लगातार 48 घंटे तक चला, जिसकी शुरुआत 5 मई को हुई और 7 मई की सुबह तक कार्रवाई जारी रही. पुलिस ने रेड से पहले गैंग्स से जुड़े आरोपियों और उनके मददगारों की पहचान की थी. इसके लिए करीब 1000 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने दिल्ली और दिल्ली के बाहर अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की. पुलिस के निशाने पर गैंगस्टर, उनके सहयोगी और संगठित अपराध से जुड़े लोग थे.
स्पेशल सेल ने इस ऑपरेशन के दौरान कुल 1014 जगहों पर रेड की और 448 लोगों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार, कई मोबाइल फोन और करीब 90 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. पुलिस ने दिल्ली के करीब 30 बड़े गैंगस्टर्स और उनके नेटवर्क को टारगेट किया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन का मकसद दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय संगठित अपराध और गैंग नेटवर्क को कमजोर करना था. गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है और जब्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की जा रही है.
ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े 9 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि शहजाद भट्टी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन हासिल है. गिरफ्तार आरोपियों में एक जम्मू-कश्मीर का रहने वाला भी शामिल है. जांच में खुलासा हुआ है कि इन 9 आरोपियों में से 4 को दिल्ली में सुरक्षा कर्मियों पर हमला करने की जिम्मेदारी दी गई थी. आरोपियों को सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे और इसके लिए दिल्ली के कुछ इलाकों की रेकी भी की गई थी. पुलिस अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.