इंसान के जीवन में कई तरह के रिश्ते बनते और बदलते हैं. लेकिन एक रिश्ता कभी नहीं बदलता वो दोस्ती का रिश्ता है. दोस्ती सबसे खूबसूरत एहसास है. भरोसे का दूसरा नाम है. लेकिन क्या होगा जब अपने ही दोस्त के मन में आपके खिलाफ बुरे विचार आ जाए और लालच में आकर वो आपके साथ किसी वारदात को अंजाम दे जाए. ऐसे में दोस्ती के रिश्ते से आपका हमेशा के लिए विश्वास उठ जाएगा. कुछ ऐसा ही मामला दिल्ली से सटे गाजियाबाद में सामने आया है. यहां गाजियाबाद पुलिस ने अपहरण, रंगदारी और फिरौती के एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है. इसमें दिल्ली के एक कारोबारी को गाजियाबाद में बंधक बनाकर करोड़ों रुपए फिरौती वसूली गई थी.
गाजियाबाद पुलिस ने 2.25 करोड़ रुपए फिरौती की रकम रिकवर करते हुए एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है. इसके साथ ही सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी शिल्पा त्यागी निवासी प्रद्युमननगर सहारनपुर, हर्षित कुमार निवासी मुखर्जी नगर दिल्ली, कार्तिक उर्फ मोन्टी निवासी संतनगर बुराड़ी दिल्ली, प्रदीप सिंह नेगी निवासी संतनगर बुराड़ी दिल्ली, पिताम्बर दास मौर्या निवासी ईस्ट ऑफ कैलाश दिल्ली, निमिश निवासी मोदीनगर, निशान्त त्यागी निवासी सलेमपुर माजरा बुराड़ी दिल्ली का नाम शामिल है. गिरफ्तारी से पहले आरोपी फिरौती की रकम बांटने के लिए देहरादून जा रहे थे. एक आरोपी पहले ही एक मामले में कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया था.
लेडी किडनैपर ने ऐसे रची थी अपहरण की साजिश
इस वारदात का मास्टरमाइंड शिल्पा त्यागी को बताया जा रहा है. उसके पति ईशान उर्फ वासु त्यागी की दिल्ली एक कपड़ा कारोबारी शशांक शर्मा से दोस्ती थी. शशांक अक्सर वासु के घर आया करता था. शिल्पा से भी उसकी अच्छी दोस्ती हो गई थी. शशांक की सहारनपुर में कपड़े की एक फैक्ट्री है. यही वजह है कि वो बड़ी रकम का लेन-देन किया करता था. इसकी जानकारी शिल्पा और वासु को भी थी. उन दोनों को लालच आ गया और शशांक से पैसे निकालने की योजना बनाने लगे. दोनों मिलकर एक साजिश रची, जिसके तहत शशांक को राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक फ्लैट में बुलाया गया. वासु के दोस्त प्रवीन त्यागी ने ये फ्लैट मोटे किराए का लालच देकर पीताम्बर मोर्या से लिया था.
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डराकर कारोबारी से एक रात में वसूले 2.75 करोड़
शशांक शर्मा के पहुंचने के पहले से ही फ्लैट पर सभी आरोपी मौजूद थे. उन्होंने कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर बंधक बना लिया. उसका मोबाइल फोन छीन लिया. इसके बाद उससे 6 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई. इतना ही उससे कहा गया कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो उसके पूरे परिवार को मार दिया जाएगा. इसके लिए एक आरोपी ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड का भी हवाला दिया. शशंका डर गए और उन्होंने अपने दोस्तों को कॉल करके पैसों की व्यवस्था की बात कही. किसी तरह से उसी रात 2.75 करोड़ रुपए का इंतजाम हो गया. इन पैसों को शिल्पा की कंपनी में साथ काम करने वाले हर्षित और कार्तिक को देने के लिए कहा गया, जो करोल बाग से लेकर बुराड़ी आए.
शिकायत मिलते ही सक्रिय हुई गाजियाबाद पुलिस
शिल्पा त्यागी ने इन पैसों को अपने साथ काम करने वाले प्रदीप सिंह नेगी के घर में छुपा दिए. इसके बाद 2 करोड रुपए उसने अपने भाई निशांत, पति ईशान, नवीन और प्रवीन के साथ मिलकर मोदीनगर में एक दोस्त निमिश के घर पर रख दिए. 25 लाख रुपए शिल्पा और निशांत ने रख लिए. वासु त्यागी 50 लाख रुपए लेकर देहरादून चला गया. इतना ही नहीं पुलिस से बचने के लिए उसने एक पुराने मामले में देहरादून एक कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया. पीड़ित कारोबारी को धमकी देने के बाद छोड़ दिया गया. परिजनों के दबाव पर उन्होंने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई. मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई. दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
किस्तों में लेते रहे पैसा, चाल से बेखबर पुलिस
शशांक शर्मा का अहरण करके रंगदारी और फिरौती वसूलने वाली गैंग के सभी सदस्य बहुत शातिर हैं. इन लोगों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस ने अभी सात ही आरोपी गिरफ्तार किए हैं, कई आजाद घूम रहे हैं. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वो लोग कारोबारी से किस्तों में पैसे ले रहे थे ताकि किसी को भनक न लगे. उनके लिए पैसे लाने का काम कार्तिक और हर्षित कर रहे थे. पहले 25 लाख रुपए लेने के बाद हर हफ्ते 10 लाख रुपए देने की बात कही गई थी. इतना ही नहीं एक कागज पर शशांक से जबरन लिखवाया था कि तीन करोड़ दे दिए हैं, बाकी चेक से देगा. वासू त्यागी के जमानत तोड़कर जेल चले जाने की शातिराना चाल की भनक भी पुलिस को नहीं थी.