ओडिशा के मयूरभंज जिले में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए एक बेगुनाह की जान ले ली. पुलिस ने इस हिंसा में शामिल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही 15 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. यह पूरा मामला सिर्फ अफवाह और गलतफहमी का नतीजा है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
एसपी वरुण गुंटुपल्ली ने बताया कि पहली घटना सोमवार को मोराडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई. यहां भीड़ ने एक व्यक्ति को 'बच्चा चोर' समझकर घेर लिया. उस पर टूट पड़ी. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. लहूलुहान हालत में उस व्यक्ति को भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
शुरुआती जांच में पता चला है कि मृतक मानसिक रूप से बीमार था. फिलहाल उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है. हिंसा का यह दौर यहीं नहीं थमा. सोमवार देर रात बारीपदा सदर थाना इलाके में भी भीड़ ने दो अन्य लोगों को बच्चा चोर गैंग का सदस्य होने के शक में पीटना शुरू कर दिया. पुलिस ने फौरन दखल देते हुए दोनों को रेस्क्यू किया.
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. एसपी ने कहा कि जिले में बच्चा चोरी की कोई भी रिपोर्ट दर्ज नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर हमला न करें और न ही कानून हाथ में लें. उन्होंने चेतावनी दी कि शक के आधार पर हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
पुलिस के मुताबिक, हत्या के मामले में 15 संदिग्धों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है. संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें तुरंत जेल भेजा जाएगा. प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि यदि उनके इलाके में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति घूमता हुआ नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें, बजाय इसके कि खुद सजा देने लगें.