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AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या के बाद जालंधर पहुंचे DGP, पुलिस को मिले कई अहम सुराग

पंजाब में सियासी हलचल के बीच AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जालंधर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव खुद मौके पर पहुंचे. उनका कहना है कि जांच में कई अहम सुराग मिले हैं.

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सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा सस्पेंस, गैंगस्टर की जिम्मेदारी लेने की जांच. (File Photo: ITG)
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा सस्पेंस, गैंगस्टर की जिम्मेदारी लेने की जांच. (File Photo: ITG)

पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता लकी ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. इस घटना के कुछ ही घंटों बाद पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर पहुंचकर मौके का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की है.

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में जांचकर्ताओं को कई अहम सुराग मिले हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस वारदात के पीछे निजी दुश्मनी या छात्र राजनीति का कोई कनेक्शन हो सकता है, तो उन्होंने माना कि जांच में अलग-अलग एंगल सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि निजी रंजिश भी एक थ्योरी है.

उन्होंने साफ किया कि फिलहाल इस मामले में संगठित अपराध से जुड़े होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं. हमलावरों की पहचान को लेकर ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार किया, लेकिन यह जरूर कहा कि पुलिस के पास कई महत्वपूर्ण क्लू हैं. उन्होंने गैंगस्टर जोगराज सिंह उर्फ जोगा फोलरीवाल की सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया.

इस पोस्ट में जोगा फोलरीवाल ने हमले की जिम्मेदारी ली है. डीजीपी ने कहा कि की इसकी गहराई से जांच की जा रही है. आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिसने भी यह अपराध किया है, उसे कानून के मुताबिक कड़ी सजा दी जाएगी. लकी ओबेरॉय को शुक्रवार सुबह 7.30 बजे जालंधर में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारी गई. 

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वो अपनी कार से निकल रहे थे, तभी काले रंग की हुडी पहने एक हमलावर ने उन पर फायरिंग कर दी. सीसीटीवी फुटेज में हमलावर को ओबेरॉय के पास आते और फिर स्कूटर पर फरार होते देखा गया है. ओबेरॉय को कई गोलियां लगी थीं. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. 

जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी एक्टिवा स्कूटर पर सवार होकर मौके से फरार हुए थे. इस मामले में जालंधर कमिश्नरेट के पुलिस स्टेशन डिवीजन-6 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 3(5), 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत केस दर्ज किया गया है.

डीजीपी ने कहा कि जांच पूरी तरह पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है. पुलिस टीमें मोबाइल टावर डेटा और अन्य टेक्निकल इनपुट के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. अब तक सामने आए सभी सिद्धांतों की गहनता से जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है. 

उन्होंने यह भी कहा कि अवैध हथियारों की तस्करी में हाल के समय में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार ड्रोन गतिविधियों में इजाफा हुआ है, जिसके चलते पाकिस्तान से आने वाले अवैध हथियारों में करीब 400 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा  कि अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नकेल कसा जा रहा है.

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