scorecardresearch
 

सत्ता, सेक्स और सीडी: परम्परा ये पुरानी

एक सीडी में एक मंत्री की बेशर्म हरकतें कैद हैं तो दूसरी सीडी में एक नेता की गंदी सोच से जुड़ी बेहया बातें. तस्वीर वाली सीडी आम हुई तो मंत्री जी की कुर्सी छिन गई. और नेता जी की आवाज़ आम हुई तो फौरन उनके सुर बदल गए.

Advertisement
X
राघवजी और रामबाबू यादव
राघवजी और रामबाबू यादव

फिर सीडी आई और फिर कोहराम मच गया. इत्तेफाक देखिए कि इस बार एक साथ देश के दो सबसे बड़े राज्यों से दो-दो सीडी आई. एक ऑडियो सीडी और दूसरी वीडियो सीडी. एक सीडी में एक मंत्री की बेशर्म हरकतें कैद हैं तो दूसरी सीडी में एक नेता की गंदी सोच से जुड़ी बेहया बातें. तस्वीर वाली सीडी आम हुई तो मंत्री जी की कुर्सी छिन गई. और नेता जी की आवाज़ आम हुई तो फौरन उनके सुर बदल गए. पहले आपको तस्वीर वाली सीडी की कहानी बताते हैं और उसके बाद आवाज़ वाली सीडी का सच.

79 साल के मंत्री पर 29 और 20 साल के लड़कों के साथ यौन शोषण का आरोप लगा. सत्ता, सेक्स और सीडी, सुनने में चाहे यह कितना ही अजीब क्यों न लगे, लेकिन इनमें आपसी रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है. सत्ता के नशे में चूर नेताओं के दामन पर जब जब दाग़ लगता है, हर बार किसी ऐसे ही रिश्ते की हकीकत एक नई कहानी के साथ सामने आ जाती है.

मध्यप्रदेश का पूरा बजट तय करने वाले राज्य के ताकतवर वित्त मंत्री राघवजी और उनकी सीडी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. बस किरदार, चेहरे और जगह बदल दीजिए तो लगेगा कि ऐसी कहानी इससे पहले भी कई बार आप सुन चुके हैं. हां, ये ज़रूर है कि देश में किसी नेता या मंत्री पर लड़कों के साथ कुकर्म करने और लड़कों के साथ सीडी में नज़र आने का ये शायद पहला स्कैंडल है.

Advertisement

इस नए ट्रेंड की नई सीडी में विलेन बन कर जो चेहरा उभरा है वो हैं हमारे बुजुर्ग नेता राघवजी. 1934 में जन्मे. इसी रविवार को 80 के होने जा रहे हैं. घर नाती-पोतों से भरा है. पर उम्र के इस पड़ाव में भी वो हरकत कर बैठे कि इज्जत के साथ-साथ मंत्री की कुर्सी भी गई. भोपाल में सत्ता के गलियारों से लेकर मीडिया तक में शायद ही ऐसा कोई हो जिसके मोबाइल में इनकी तस्वीरें कैद ना हों.

मध्यप्रदेश के इन बुजुर्ग वित्त मंत्री पर उन्हीं के दो नौकरों ने इलजाम लगाया है कि मंत्री जी ने सराकरी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनका यौन शोषण किया है. वो भी कई बार. इतना ही नहीं, दोनों ने बाकायदा इस बारे में भोपाल के हबीबगंज थाने में शपथपत्र देते हुए मंत्री जी के खिलाफ रिपोर्ट भी लिखा दी है.

सीडी के इस नए स्कैंडल की पूरी कहानी कुछ यूं है. मध्यप्रदेश के विदिशा इलाके से चार-चार विधानसभा चुनाव जीत चुके वित्त मंत्री राघवजी का भोपाल में सरकारी बंगला है. इसी बंगले में विदिशा से आया 29 साल का राजकुमार भी रहता था. शुरू में वो राघवजी के घर काम किया करता था. बाद में राघवजी ने भोपाल में ही शराब की एक कंपनी में उसकी नौकरी लगवा दी. पर राजकुमार रहता तब भी बंगले में ही था. राजकुमार का इलजाम है कि मंत्री जी ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था. और इसी वादे को पूरा करने के बदले वो उसका यौन शोषण करते थे.

Advertisement

इसी बीच विदिशा से ही बीस साल का घनश्याम नाम का एक लड़का भी मंत्री जी के बंगले पर काम करने पहुंच गया. उसे भी मंत्री जी ने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था और मौका मिलते ही उसके साथ भी वही हरकत शुरू कर दी. इसी के बाद घनश्याम ने एक रोज राजकुमार और मंत्री जी की आपत्तिजनक हालत में तस्वीरें अपने मोबाइल मे कैद कर लीं.

सबूत अब उनके पास था. इसके बाद चार जून को राजकुमार और घनश्याम दोनों मंत्री जी के खिलाफ एक-दूसरे के गवाह बन गए और शपथपत्र के साथ हबीबगंज थाने पहुंच गए. उनके थाने पहुंचते ही खबर लीक हो गई और मोबाइल में कैद तस्वीर आम.

सबूत सामने था, लिहाज़ा सुबह होते-होते शिवराज सिंह चौहान भी जाग उठे और उन्होंने आनन-फानन में राघवजी से इस्तीफा लेकर उन्हें मंत्री पद से हटा दिया. हालांकि इस्तीफा देने के बाद भी राघवजी का यही कहना है कि ये उनके खिलाफ एक साजिश है और वो पाक-साफ हैं.

वैसे मंत्री जी की पत्नी हीरा बेन भी अपने पति को बेकसूर बता रही हैं और उनके बचाव में मैदान में उतर आई हैं. उधर दूसरी तरफ राज्य में विपक्षी पार्टी कांग्रेस को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया. चुनाव करीब है ऐसे में कांग्रेस शिवराज सिंह की सरकार पर हमले का ये मौका कैसे जाने दे. लिहाज़ा चुटकी लेते हुए हमले किए जा रहे हैं .

Advertisement

वैसे, आपको बता दें कि मंत्री जी के खिलाफ फिलहाल पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि पहले वो सीडी और मामले की जांच कर ले फिर आगे देखेगी.

ऑडियो सीडी आई यूपी से
इस कहानी के बाद रुख करते हैं उत्तर प्रदेश का, क्योंकि अगली सीडी यहीं से आई है. हालांकि इस सीडी में सिर्फ आवाज है. पर बोल ऐसे कि सुनकर कोई भी शर्मा जाए. और ये बेशर्म बोल किसी और के नहीं बल्कि यूपी में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के एक ताकतवर नेता के हैं. नौकरी के नाम पर किस तरह वो अपनी ही पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से चूजा मांग रहे हैं.

ऑडियो सीडी में नेता रामबाबू यादव और महिला कार्यकर्ता मधु के बीच बातचीत है. नेता एक आपत्तिजनक ख्वाहिश कर रहे हैं. एक बेहया मांग रख रहे हैं. नेता ने नौकरी के बदले कार्यकर्ता से चूजे की मांग की.

मधु पांडे---हैलो दद्दा बोल रहे हैं?
रामबाबू---हां दद्दा बोल रहे हैं.
मधु पांडे---दद्दा राम-राम आज बड़े खुश दिख रहे हो...आपने बुलाया नहीं?
रामबाबू---व्यवस्था तो करो
मधु पांडे---व्यवस्था कर ली है
रामबाबू---माल खरा है
मधु पांडे---खुश हो जाओगे... दद्दा प्रदेश कार्यकारिणी में महासचिव या उपाध्यक्ष बनवा दो...
रामबाबू---शिक्षा नहीं है तुम्हारी... लखनऊ मीटिंग में आ रही हो...
मधु पांडे---हां दद्दा
रामबाबू---साथ लेकर आना
मधु पांडे---दद्दा हर बार महिला को साथ लेकर आती हूं
रामबाबू---महिला नहीं... चूजा साथ लेकर आना... चूजा जानती हो?
मधु पांडे---नहीं दद्दा, आप ही बता दो...
रामबाबू---चूजा माने 19 से 20 तक की लड़की... 18 से 20 साल तक की इससे ऊपर नहीं...
मधु पांडे---ठीक है दद्दा.

Advertisement

उत्तर प्रदेश के श्रम प्रवर्तन विभाग के चेयरमैन रामबाबू यादव खुद को प्यार से दद्दा कहलवाना पसंद करते हैं. जो नहीं समझ आ रहा था वो भी आखिर में दद्दा ने खुद ही समझा दिया. इसलिए शायद अब कुछ समझाने की भी जरूरत नहीं है. पर हां. आपको इतना जरूर बता देते हैं कि दद्दा के साथ दूसरी आवाज किसकी है. ये दद्दा की ही समाजवादी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता मधु पांडे हैं.

मधु पांडे का इलज़ाम है कि जब उन्होंने रामबाबू यादव की ये डिमांड पूरी नहीं की तो वो उनकी और उनके परिवार के जान के दुश्मन बन गए. दरअसल, मधु पांडे पिछले 20 साल से समाजवादी पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता हैं. जब उन्होंने अपने पति की नौकरी और खुद को समाजवादी पार्टी में राज्य महिला संगठन में महासचिव या उपाध्यक्ष बनाने के लिए कहा तो रामबाबू यादव ने उनसे चूजा मतलब 18 से 20 साल तक की लड़की को अपने साथ लखनऊ लाने कि लिए कहा.

शुक्रवार को आज तक की टीम ने रामबाबू यादव पर लगे इस संगीन आरोप के बारे में जब उनसे बातचीत करने की कोशिश की तो वो हाईकमान से बात करने की बात कर वहां से खिसक लिए.

लेकिन शनिवार को रामबाबू दोबारा मीडिया के सामने नमूदार हुए और अपने ऊपर लगाए आरोप से साफ इनकार कर दिया. उनका कहना था कि इस साजिश के पीछे समाजवादी पार्टी के ही दो नेताओं का हाथ है.

Advertisement

अब चूंकि मामला सत्ताधारी पार्टी का है लिहाज़ा पुलिस भी इस मामले में बोलने से बचती दिखी. पुलिस का कहना है कि सीडी की फॉरेसिंक जांच के बाद ही कार्रवाई की बात सोचेंगे. फिलहाल ये मामला सीडी की फॉरेंसिक जांच और मधु पांडे के आरोप के बीच बीच झूल रहा है. सरकार और पुलिस दोनों ही मामले को दबाने की कोशिश करती ज्यादा नजर आ रही हैं.

Advertisement
Advertisement