अफगानिस्तान के जलालाबाद शहर में आजकल 90 मेगाहर्ट्ज पर रेडियो आईएसआईएस बज रहा है. यह रेडियो प्रसारण गाना सुनाने या मनोरंजन करने के लिए नहीं बल्कि अफगानी नौजवानों को आईएस में भर्ती करने के लिए है.
कोई नहीं जानता कौन करता है प्रसारण
कमाल की बात यह है कि प्रसारण कहां से होता है, कौन लोग इसके पीछे हैं. इसके बारे में कोई नहीं जानता. रोजाना एक खास वक्त पर पूरे 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे का यह प्रसारण पिछले एक हफ्ते से जारी है.
बेहद खौफजदा हैं लोग
जब से के इस रेडियो का प्रसारण शुरू हुआ है स्थानीय लोग बेहद खौफजदा हैं. उनका मानना है कि इससे खास तौर पर नौजवान गुमराह हो रहे हैं और बड़ी तेजी से उनका रुझान आईएसआईएस की तरफ बढ़ रहा है.
गुमराह हो रहे हैं नौजवान
खास कर खस्ता माली हालत और बेरोजगारी को देखते हुए नौजवानों को गुमराह होने से बचाना बेहद मुश्किल हो रहा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर इस रेडियो प्रसारण को नहीं रोका गया, तो इससे बहुत से नौजवानों पर गलत असर पड़ेगा.
तीन हजार नौजवान IS से प्रभावित
अफगानी सरकार की मानें तो देश में इस वक्त लगभग तीन हजार नौजवान ऐसे हैं, जिनका है और जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. पूर्वी इलाके के नानगरहर इलाके के बारे में कहा जाता है कि अफगानिस्तान में आईएस का ये सबसे मजबूत गढ़ है. इलाके के कई जिले, जो अब तक तालिबान के कब्जे में थे, अब आईएस समर्थक गुट के कब्जे में हैं.