देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन लागू हो गया है. ये लॉकडाउन 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा. हालांकि, इस दौरान धार्मिक स्थल, अस्पताल और जरूरी सामान की दुकानें खुली रहेंगी. लॉकडाउन के चलते उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही है. वाहनों के जरूरी कागज देखे जा रहे हैं. पुलिस वाहन मालिकों से पूछताछ भी कर रही है और बिना अनुमति, सही कारण न होने वाले वाहन मालिकों को बॉर्डर से ही वापस कर दिया जा रहा है.
Police personnel check vehicles at Delhi-Noida border as Uttar Pradesh govt has imposed lockdown in the State from 10 pm on July 10 to 5 am on 13th July; visuals from DND flyway.
— ANI UP (@ANINewsUP)
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर रखी है. कई दफ्तर, मार्केट भी इस दौरान बंद हैं. दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर पुलिस लोगों के आईडी भी चेक कर रही है. इसके बाद ही लोगों को उत्तर प्रदेश में एंट्री करने की इजाजत दी जा रही है. लोगों को इस दौरान काफी परेशान भी हो रही है. एक युवक ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'मैंने ई-पास अप्लाई करने की बहुत कोशिश की लेकिन यूपी सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट पर कोई ऑप्शन नहीं था.'
तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
यूपी में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. शुक्रवार को ही प्रदेश में कोरोना के रिकॉर्ड 1347 नए केस सामने आए हैं. जबकि 27 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 889 हो गई है. सूबे में कोरोना के 11024 एक्टिव केस हैं. कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए योगी सरकार ने वीकेंड पर प्रदेश में लॉकडाउन का ऐलान किया है.
पहले वाले लॉकडाउन से है बिल्कुल अलग
यूपी में लागू हुआ ये लॉकडाउन पूरी तरह अलग है. इस दौरान मालवाहक वाहनों के आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी. नेशनल और स्टेट हाइवे पर वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी. रेलवे का आवागमन पहले की तरह जारी रहेगा. यूपी राज्य सड़क परिवहन की बसें चलना जारी रहेंगी. घरेलू हवाई सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अब भी रोक जारी है.
एक्सप्रेस वे, पुल और सड़कों से जुड़े सभी निर्माण कार्य जारी रहेंगे. आवश्यक सेवाओं पर कोई रोक नहीं होगी. आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य और चिकित्सीय सेवा से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पहले की तरह होती रहेगी.